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चीन में गेमिंग कंपनी को अरबों की चपत

४ अगस्त २०२१

चीन के एक अखबार में छपी एक रिपोर्ट ने वीडियो गेमिंग कंपनी को अरबों डॉलर की चपत लगा दी. कंपनी को कई कदम उठाने पर भी मजबूर होना पड़ा.

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तस्वीर: picture-alliance/dpa/Zhejiang Daily

चीनी कम्यूनिस्ट पार्टी के अखबार पीपल्स डेली में छपे एक लेख में सरकार को सलाह दी गई है कि बच्चों को इंटरनेट के खतरों से बचाए जाने की जरूरत है. मंगलवार को चीन के एक अन्य अखबार इकनॉमिक इन्फॉर्मेशन डेली में ऑनलाइन गेमिंग के बारे में एक रिपोर्ट छपी थी जिसमें गेमिंग को ‘आध्यात्मिक अफीम' बताया गया था.

देश में यह रिपोर्ट हजारों बार शेयर की गई जिसके बाद गेम डिजाइन करने वाली कंपनी टेनसेंट होल्डिंग्स लिमिटेड के शेयर 6.1 प्रतिशत से ज्यादा गिर गए. बाद में उस रिपोर्ट को दोबारा छापा गया और उसमें से ‘आध्यात्मिक अफीम' को हटा लिया गया.

खतरों पर उपदेश

पीपल्स डेली में लेख झाओ यिचेन ने लिखा है. उन्होंने कुछ खास ऑनलाइन मीडिया के खतरों का जिक्र करते हुए देश में हाल ही में लाए गए बदलावों की तारीफ की. झाओ ने लिखा है, "मिसाल के लिए कुछ ऑनलाइन गेम और वेबकास्ट पूरी तरह अभद्रता, हिंसा और अन्य ऐसे तत्वों से भरे हुए हैं जो किशोरों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हैं.”

गेमिंग में शोहरत की इतनी बड़ी कीमत!

झाओ लिखते हैं कि न्यू मीडिया के युग में बच्चों को ‘नेटवर्क' से बचाना उतना आसान नहीं है जितना लत से बचाना. वह कहते हैं, "नई इंटरनेट ऐप्लिकेशन नई समस्याएं पैदा कर रही हैं, जिस कारण बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा तुरंत जरूरी हो गई है.”

टेनसेंट ने उठाए कदम

मंगलवार को इकनॉमिक इन्फॉर्मेशन डेली में छपी रिपोर्ट के बाद टेनसेंट होल्डिंग्स लिमिटेड ने अवयस्क किशोरों तक अपनी प्रमुख वीडियो गेम की पहुंच रोकने के लिए कदम उठाने का ऐलान किया है. इकनॉमिक इन्फॉर्मेशन डेली की रिपोर्ट छपने के कुछ ही घंटे में इस चीनी कंपनी के शेयर 10 फीसदी तक गिर गए थे.

ये 'मीम' क्या बला है

इकनॉमिक इन्फॉर्मेशन डेली ने अपनी रिपोर्ट में कंपनी की प्रमुख वीडियो गेम ‘ऑनर ऑफ किंग्स' का जिक्र किया था. रिपोर्ट में कहा गया था कि किशोरों को गेमिंग की लत लग रही है और इस उद्योग पर पाबंदियां लगाए जाने की जरूरत है. इकनॉमिक इन्फॉर्मेशन डेली अखबार चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ से संबंद्ध है.

इस रिपोर्ट के प्रकाशित होते ही निवेशकों में हड़कंप मच गया. उन्हें आशंका थी कि सरकार गेमिंग के खिलाफ कछ कदम उठाने जा रही है. इस आशंका का आधार सरकार द्वारा हाल ही में प्रॉपर्टी, शिक्षा और तकनीकी क्षेत्रों पर लगाई गई पाबंदियां भी थीं.

अरबों का नुकसान

बीजिंग स्थित कन्सल्टेंसी फर्म ट्रिवियम के ईथर यिन निवेशकों के बारे में कहते हैं, "उन्हें लगता है कि किसी भी चीज पर पाबंदी लगाई जा सकती है इसलिए वे तुरंत कदम उठाते हैं और कई बार सरकारी मीडिया में छपी चीजों पर जरूरत से ज्यादा प्रतिक्रिया भी देते हैं.”

तस्वीरों मेंः पबजी खेल और कमाई का जरिया

इस भय का चीन की सबसे बड़ी सोशल मीडिया और वीडियो गेम कंपनी को भारी खामियाजा चुकाना पड़ा. उसकी बाजार पूंजी में से लगभग 60 अरब डॉलर कुछ ही घंटों में सफाचट हो गए.

इकनॉमिक इन्फॉर्मेशन डेली की रिपोर्ट का असर यूरोप और अमेरिका की गेमिंग कंपनियों के शेयरों पर भी पड़ा. चीनी बाजार में सबसे ज्यादा पहुंच रखने वाली एक्टिविजन ब्लिजर्ड के शेयर 3.8 फीसदी गिर गए थे.

वीके/सीके (रॉयटर्स, एएफपी)

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