यूएन की गुडविल एम्बैसडर बनी आईएस की सेक्स स्लेव

इस्लामिक स्टेट के लड़ाकों की हवस का शिकार बनी 23 साल की एक लड़की अब औरों को उम्मीद का रास्ता दिखाएगी. तीन महीने तक आईएस की सेक्स स्लेव रही नादिया मुराद बासी ताहा को यूएन ने अपना गुडविल एम्बैसडर बनाया है.

नादिया अब मानव तस्करी के प्रति लोगों को जागरूक बनाएंगी. लेकिन इराक के यजीदी समुदाय से संबंध रखने वाले नादिया के लिए सबसे बड़ी चिंता वो 3200 यजीदी महिलाएं हैं जो अब भी आईएस की कैद में है और उसके लड़ाकों की यौन दासियां हैं.

वह कहती हैं कि 2014 में यजीदी लोगों पर आईएस के हमले को एक जनसंहार माना चाहिए और इसके पीड़ितों को इंसाफ मिलना चाहिए. अगस्त 2014 में नादिया को सिंजार के नजदीक हमले के दौरान उनके गांव से उठा लिया गया था. वहां से नादिया को आईएस के नियंत्रण वाले मोसूल लाया गया जहां उनका कई बार सामूहिक बलात्कार हुआ और कई बार उन्हें बेचा गया.

यह भी देखें: यौन कर्म की अंधेरी दुनिया में नाबालिग

यौनकर्म की अंधेरी दुनिया में नाबालिग

यौनकर्मियों की संख्या

जर्मनी में यौनकर्मियों की सही संख्या का कोई आधिकारिक आंकड़ा मौजूद नहीं है. यौनकर्मियों के लिए काम करने वाली बर्लिन की हाइड्रा संस्था के मुताबिक करीब चार लाख महिलाएं यौनकर्म से रोजी रोटी कमा रही हैं.

यौनकर्म की अंधेरी दुनिया में नाबालिग

उत्पत्ति

जर्मनी में पूर्वी यूरोप और अफ्रीका से आई कई महिलाएं इस काम में लिप्त हैं. लेकिन यौनकर्म में शामिल नाबालिग लड़कियां ज्यादातर जर्मन ही हैं. डॉर्टमुंड की राहत संस्था मिडनाइट मिशन के मुताबिक यौनकर्म करने वाली दो तिहाई नाबालिग लड़कियां जर्मन मूल की हैं.

यौनकर्म की अंधेरी दुनिया में नाबालिग

नशे की लत

इन लड़कियों में कई स्कूली छात्राएं हैं. ये नशे की लती हैं. नशे की जरूरत को पूरा करने के लिए ही ज्यादातर वे यह रास्ता अपनाती हैं. इनमें से ज्यादातर अपने घरों से भागी हुई हैं और उनके पास रहने का ठिकाना नहीं है.

यौनकर्म की अंधेरी दुनिया में नाबालिग

अंधेरी दुनिया

यौनकर्म को कमाई के लिए अपनाने के कई कारण हैं. कभी वे दोस्तों या रिश्तेदारों के बहकावे में आकर यह काम करने लगती हैं तो कभी वे धोखे का शिकार हो जाती हैं. कई बार पुरुष उनके बॉयफ्रेंड बनकर उन्हें इस काम में बहला फुसलाकर घसीट लेते हैं.

यौनकर्म की अंधेरी दुनिया में नाबालिग

सख्त सजा

जर्मनी में लड़कियों को जबरन वैश्यावृति में धकेले जाने को रोकने के लिए कानून में सख्ती लाई जा रही है. भविष्य में लड़कियों की मजबूरी का फायदा उठाकर उन्हें सेक्स वर्क में धकेलने वालों को 10 साल तक कैद की सजा होगी.

यौनकर्म की अंधेरी दुनिया में नाबालिग

बचाने की कोशिश

बंधुआ सेक्स वर्करों से सेवा लेने वाले लोगों को भी भविष्य में जर्मनी में तीन महीने से पांच साल तक कैद हो सकती है. सजा से बचने के लिए जरूरी होगा कि वह बंधुआ सेक्स वर्करों के बारे में अधिकारियों को फौरन सूचना दे.

यौनकर्म की अंधेरी दुनिया में नाबालिग

छोड़ना मुश्किल

यौनकर्म की दुनिया में प्रवेश के बाद इनका बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है. अक्सर वे यह समझ ही नहीं पाती हैं कि वे अपने साथ क्या कर रही हैं. कम उम्र में उनमें लोगों के खिलाफ जाने की प्रवृत्ति होती है. वे यौनकर्म को सामाजिक मान्यताओं को तोड़ने के कदम की नजर से देखती हैं.

पिछले दिनों न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र के मुख्यालय में नादिया ने कहा, “मुझे उन लोगों ने जिस तरह चाहा, इस्तेमाल किया. मैं अकेली नहीं थी. पर शायद में भाग्यशाली थी. जैसे जैसे समय बीता मैं वहां से निकलने में कामयाब रही, लेकिन हजारों महिलाएं ऐसा नहीं कर पाईं हैं. वो अब भी उनकी है कैद में हैं. ”

पढ़ें: 8 साल की बच्ची 8 बार बिकी और 100 बार रेप हुआ

नादिया को उम्मीद है कि एक दिन आएगा जब पीड़ित यजीदी अपने ऊपर "जुल्म ढाने वाले लोगों को हेग की अंतरराष्ट्रीय अदालत में पेश होता देखेंगे और वो दुनिया को बताएंगे कि उन्होंने क्या किया, इससे हमारे समुदाय के जख्मों पर मरहम लगेगा." गुडविल एम्बैसडर के तौर पर नादिया मुराद इंसानी तस्करी के शिकार लोगों की और खास तौर से शरणार्थी महिलाओं और लड़कियों की पीड़ा के बारे में लोगों को जागरूक करेंगी.

तस्वीरों में: कौन हैं यजीदी

कौन हैं यजीदी

मलिक ताउस

यजीदी एक ईश्वर में विश्वास करते हैं और मानते हैं कि उसके सात फरिश्ते दुनिया में उनकी मदद करते हैं. मोर के रूप में मलिक ताउस उनमें सबसे अहम है.

कौन हैं यजीदी

पांच बार आराधना

यजीदी धर्म के अनुयायी दिन में पांच बार सूर्य की तरफ मुंह करके पूजा करते हैं. दोपहर की पूजा लालिश पहाड़ियों की तरफ मुंह करके की जाती है, जहां उनका पवित्र मजार है. यह जगह उसी का प्रतीक है.

कौन हैं यजीदी

इराक में बसेरा

दुनिया भर में करीब 8 लाख यजीदी हैं, जिनमें से ज्यादातर निनेवेह प्रांत में पहाड़ियों के पास रहते हैं. कुर्द भाषा बोलने वाले यजीदियों को 1990 के बाद से सीरिया और तुर्की जैसे देशों से भागना पड़ा. उनमें से कई ने अब यूरोप में पनाह ली है.

कौन हैं यजीदी

घर छोड़ते यजीदी

आइसिस का कहना है कि यह "अशुद्ध" लोगों को इराक में नहीं रहने देंगे. लिहाजा उन्होंने यजीदियों पर हमला बोल दिया है. इससे पहले इन लोगों को सद्दाम हुसैन के शासनकाल में भी हमलों का सामना करना पड़ा था.

कौन हैं यजीदी

सिंजर की पहाड़ियां

ये लोग इराक छोड़ कर सीरिया की तरफ भाग रहे हैं. सफर के लिए कई बार गधों का भी इस्तेमाल करना पड़ रहा है. रिपोर्टें हैं कि आइसिस ने सैकड़ों यजीदियों को मार डाला है. उनके खौफ से ईसाई भी कुर्दों के प्रभाव वाले शहर इरबील भाग रहे हैं.

कौन हैं यजीदी

जहां तहां ठिकाना

इराक सरकार का दावा है कि आइसिस के सदस्यों ने कई यजीदियों को जिंदा दफ्न कर दिया है, जबकि औरतों को अगवा कर लिया गया है. बच कर भाग रहे लोगों में से कुछ ने दोहुक प्रांत में ठिकाना जमाया है.

कौन हैं यजीदी

कहां कहां यजीदी

आम तौर पर वे इराक के उत्तर में रहते हैं, जहां कुर्दों का भी भारी प्रभाव है. दोनों की भाषा भी लगभग एक जैसी है. इराक से बाहर सबसे ज्यादा यजीदी यूरोपीय देश जर्मनी में रहते हैं. इसके अलावा रूस, अर्मेनिया, जॉर्जिया और स्वीडन में भी उन्होंने शरण ली है.

कौन हैं यजीदी

अंतरराष्ट्रीय मदद

आइसिस के खिलाफ अमेरिका ने जहां हवाई हमले करने का फैसला किया है, वहीं कुछ देशों ने वहां मदद पहुंचाने का भी काम किया है. फ्रांस का एक कार्गो विमान बगदाद के पास अरबील में राहत सामग्री लेकर उतरा, जो प्रभावित इलाकों में भेजी गई.

कौन हैं यजीदी

कुर्दों का साथ

सीरिया के अल-हसाका इलाके की तरफ जाते हुए यजीदी समुदाय के लोगों को कुर्द लड़ाकों का समर्थन मिल रहा है. आइसिस ने इराक में खिलाफत का एलान किया है और यजीदी खास तौर पर उनके निशाने पर हैं.

कौन हैं यजीदी

जर्मनी में प्रदर्शन

बीलेफेल्ड शहर में इराक के यजीदियों के समर्थन में प्रदर्शन किए गए. इस दौरान कुर्दिश वर्कर्स पार्टी के सह संस्थापक अब्दुल्लाह ओएचेलान के पोस्टर भी लोगों ने थाम रखे थे. इस प्रदर्शन में 10,000 लोगों ने हिस्सा लिया.

यजीदी लोग ना तो मुसलमान है और न ही अरब. सीरिया की सीमा के नजदीक उत्तरी इराक में रहने वाले ये लोग एक प्राचीन धर्म को मानते हैं और इनकी संख्या पांच लाख से ज्यादा है. कुर्द भाषा बोलने वाले लोग इस्लामिक स्टेट के निशाने पर रहे हैं. सीरिया के संयुक्त राष्ट्र के जांच आयुक्त ने कहा है कि उसके पास ऐसे सबूत हैं जिनसे पता चलता है कि इस्लामिक स्टेट यजीदी लोगों का संहार कर रहा है.

खबर: इंटरनेट पर बच्चियों को बेच रहा है आईएस

दिसंबर में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक भाषण में नादिया मुराद ने बताया कि किस तरह एक आईएस लड़ाके से उनकी तथाकथित ‘शादी' हुई थी, जिसने उनका खूब उत्पीड़न किया. नादिया के मुताबिक, “मुझमें और बलात्कार और उत्पीड़न सहने की ताकत नहीं बची थी, इसलिए मैंने वहां से भागने का फैसला किया.” उन्होंने बताया कि जब वो मोसूल में भाग रही थीं तो उन्हें पता था कि कोई मदद करने वाला नहीं है, लेकिन फिर एक परिवार ने उन्हें अपने यहां आसरा दिया.

जानें, रेप के लिए कहां कितनी सजा होती है

रेप के लिए कहां कितनी सजा

जर्मनी

जर्मन कानून में अब तक रेप की कोशिश का विरोध न करने पर मामला रेप का नहीं बनता था. अब इस परिभाषा में बदलाव किया गया है. अब छूने, अंगों को टटोलने और दबोचने को भी यौन हिंसा के दायरे में लाया गया है.

रेप के लिए कहां कितनी सजा

फ्रांस

फ्रांस में रेप का मतलब है ऐसी कोई भी यौन गतिविधि जिसमें दोनों की सहमति ना हो. वहां 20 साल तक की सजा हो सकती है. गाली-गलौज पर भी दो साल तक की सजा का प्रावधान है.

रेप के लिए कहां कितनी सजा

इटली

1996 में इटली के रेप विरोधी कानून में व्यापक बदलाव किए गए. इसके बाद पत्नी के साथ जबर्दस्ती को भी रेप के दायरे में लाया गया. इसके लिए 10 साल तक की सजा हो सकती है.

रेप के लिए कहां कितनी सजा

स्विट्जरलैंड

स्विट्जरलैंड में रेप तभी माना जाता है जब योनि संसर्ग हुआ हो. अन्य यौन हमलों को यौन हिंसा माना जाता है. इसके लिए 10 साल तक की जेल हो सकती है. 2014 के बाद शादी में भी रेप को अपराध माना गया है.

रेप के लिए कहां कितनी सजा

स्वीडन

स्वीडन में जबरन किसी के कपड़े उतारने पर भी दो साल की कैद हो सकती है. मजबूर लोगों का यौन शोषण, मसलन सोते वक्त या नशे की हालत में या किसी तरह डरा कर सेक्स करने की कोशिश करना भी रेप है.

रेप के लिए कहां कितनी सजा

अमेरिका

अमेरिका में अलग-अलग राज्यों में रेप की परिभाषा अलग-अलग है. लेकिन वहां सेक्स में सहमति पर जोर दिया गया है. सेक्स से पहले स्पष्ट सहमति जरूरी है.

रेप के लिए कहां कितनी सजा

सऊदी अरब

यहां रेप के लिए मौत की सजा का प्रावधान है. हालांकि रेप को साबित करना बहुत मुश्किल है. जो महिलाएं रेप की शिकायत करती हैं अगर वे साबित ना कर पाईं तो उन्हें भी सजा हो सकती है.

रेप के लिए कहां कितनी सजा

भारत

निर्भया कांड के बाद भारत में रेप विरोधी कानून में कई बदलाव किए गे हैं. अब रेप के लिए आमतौर पर सात साल से उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है. लेकिन विशेष परिस्थितियों में जैसे कि पुलिस हिरासत में रेप, रिश्तेदार या टीचर द्वारा रेप के मामले में 10 साल से उम्र कैद तक भी हो सकती है. अगर पीड़िता की मौत हो जाती है तो मौत की सजा भी हो सकती है.

वो बताती हैं कि इस परिवार ने उनके लिए एक ‘इस्लामिक पहचान पत्र' की व्यवस्था जिसके सहारे वो सीमा पार इराकी कुर्दिस्तान में चली गईं. वहां विस्थापित लोगों के एक कैंप में रहने के बाद वो अपनी बहन के पास जर्मनी आ गईं. अब नादिया मुराद उन 376 लोगों और संगठनों की सूची में शामिल हैं जिन्हें इस साल शांति के नोबेल पुरस्कार के लिए नामित किया गया है.

एके/वीके (एएफपी)

हमें फॉलो करें