चंदे से किसकी सेवा, इंसान की या आतंकवाद की

पाकिस्तानी पंजाब की सरकार ने जेयूडी के खिलाफ सख्त कदम उठाने का निर्देश दिया. सरकार को इस बात का अहसास हो चुका है कि जेयूडी सेवा के नाम पर मिलने वाले चंदे का गलत इस्तेमाल कर रहा है.

पाकिस्तानी पंजाब की सरकार ने जमात उद दावा के खिलाफ सख्त कदम उठाने का निर्देश दिया. सरकार को इस बात का अहसास हो चुका है कि जमात उद दावा, सेवा के नाम पर मिलने वाले चंदे का गलत इस्तेमाल कर रहा है.

पंजाब प्रांत के गृह मंत्रालय ने पुलिस को निर्देश दिया है कि वह जमात उद दावा के खिलाफ सख्त कदम उठाए. संयुक्त राष्ट्र की सूची में जमात उद दावा एक आतंकवादी संगठन है. जेयूडी पर 2008 में मुंबई पर हमला करने का आरोप भी है. इस संगठन को मोहम्मद हाफिज चलाता है. पहले हाफिज सईद पाकिस्तान में रैलियां कर जेयूडी के लिए फंड जुटाता था. अब आतंकी संगठन अपनी सेवार्थ संस्था फलहे इंसानियत फाउंडेशन (एफआईएफ) की आड़ में पैसा जुटाता है.

(देखिये: 2016 में आतंकवादी हमलों से थर्राती दुनिया)

सबसे खूनी साल 2016

4 जुलाई

एक के बाद एक तीन आतंकवादी हमले हुए. सऊदी अरब के जेद्दा, मदीना और कतीफ में तीन खुदकुश हमले.

सबसे खूनी साल 2016

3 जुलाई

बगदाद में इराक का सबसे भयानक आतंकवादी हमला हुआ जिसमें 215 जानें गईं और 2002 लोग घायल हो गए.

सबसे खूनी साल 2016

2 जुलाई

ढाका में बांग्लादेश का अब तक का सबसे घातक आतंकवादी हमला जिसमें 7 आतंकवादियों ने 20 मासूम जानें ले लीं.

सबसे खूनी साल 2016

28 जून

तुर्की के इस्तांबुल में अतातुर्क एयरपोर्ट पर तीन आतंकियों ने आत्मघाती हमला किया. 45 लोगों की जान चली गई.

सबसे खूनी साल 2016

27 मार्च

पाकिस्तान के लाहौर में बच्चों के खेल के मैदान के पास बम धमाका हुआ. 72 लोग मारे गए जिनमें ज्यादातर बच्चे थे.

सबसे खूनी साल 2016

22 मार्च

बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स में एयरपोर्ट पर आत्मघाती बम हमला हुआ. 34 जानें गईं और 300 लोग घायल हुए.

सबसे खूनी साल 2016

13 मार्च

तुर्की की राजधानी अंकारा में मुख्य चौराहे पर एक कार बम से धमाका किया गया. 37 जानें चली गईं.

सबसे खूनी साल 2016

13 मार्च

आइवरी कोस्ट में कुछ अल कायदा आतंकवादी एक होटल में घुसे और गोलियां बरसाईं. 18 लोग मारे गए.

सबसे खूनी साल 2016

26 फरवरी

सोमालिया की राजधानी मोगादिशू में एक होटल में अल शबाब ने कार बम से धमाका किया. 15 लोगों की जान चली गई.

सबसे खूनी साल 2016

17 फरवरी

तुर्की की राजधानी अंकारा में कई बम धमाके हुए. कुर्दिस्तान फ्रीडम फाल्कन्स के इस हमले में 29 जानें गईं.

सबसे खूनी साल 2016

15 जनवरी

बुरकीना फासो के एक होटल में हुए आतंकवादी हमले में 18 देशों के 23 लोगों की जानें गईं. अल कायदा का काम था.

सबसे खूनी साल 2016

14 जनवरी

इंडोनेशिया के जकार्ता में बम धमाके और उसके बाद गोलियां बरसा कर आईएस ने 8 लोगों को मार डाला.

सबसे खूनी साल 2016

12 जनवरी

साल की शुरुआत में ही तुर्की के इस्तांबुल में धमाके सुनाई दिए. 13 लोगों की जानें गईं. दर्जनों घायल हुए.

सूबे के गृह मंत्रालय ने पंजाब पुलिस के एआईजी से कहा है कि वह जमात उद दावा के पैसा जुटाने के सभी तरीकों की सूचना दें. कानून के विरुद्ध काम करने वाले अन्य संगठनों के पैसा जुटाने पर भी सख्ती करने को कहा गया है. जांच में पता चला है कि जमात उद दावा ने रमजान के दौरान फितराना, जकात और सदके के जरिये पैसा जुटाया. उस दौरान जगह जगह एफआईएफ के पर्चे बांटे गए और पोस्टर लगाए गए, जिनमें लोगों से इंसानियत की मदद करने के नाम पर चंदा मांगा गया. कानूनी अड़चन से बचने के लिए सेवार्थ संस्था को आगे रखा गया.

पंजाब प्रांत के एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने पाकिस्तानी अखबार डॉन से बात करते हुए कहा कि खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट आने के बाद सख्त कदम उठाए जा रहे हैं. पुलिस अधिकारी के मुताबिक, "भारत द्वारा फैलाई गई अफवाहों के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने जमात उद दावा की निगरानी करनी शुरू कर दी है. जेयूडी की सेवार्थ संस्था एफआईएफ, आजाद कश्मीर और कश्मीर और उत्तरी इलाकों में 2005 के भूकंप के बाद कई मानवकल्याण के कामों में शामिल है. सरकार ने इसके लिए उन्हें रास्ता दिया." पुलिस अफसर के मुताबिक अब सरकार को पता चल चुका है कि सेवा करना जमात उद दावा का असली चेहरा नहीं है, इसीलिए अब उन्हें मिले पैसे और उसके खर्च की पड़ताल की जा रही है.

हमें फॉलो करें