हज यात्रा पर भी उलझे खाड़ी देश

खाड़ी देशों की तनातनी का असर अब हज यात्रा पर भी दिख रहा है. कतर ने आरोप लगाया है कि सऊदी अरब उसके नागरिकों की हज यात्रा में अड़चनें पैदा कर रहा है.

सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और मिस्र ने जून में कतर पर आतंकवाद को समर्थन देने का आरोप लगाते हुए उससे अपने राजनयिक रिश्ते तोड़ लिये थे. इस संकट को सुलझाने के लिए लगातार कोशिशें हो रही हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान निकलता नहीं दिख रहा है. इस संकट के चलते अब कतर के लोगों की हज यात्रा भी प्रभावित हो सकती है.

कतर ने संयुक्त राष्ट्र में दी गयी अपनी एक शिकायत में कहा है कि सऊदी अरब कतर के लोगों की प्रस्तावित हज यात्रा में बाधाएं डालने की कोशिश कर रहा है. कतर के मुताबिक उसके नागरिकों को बताया गया है कि वे सिर्फ दो हवाई अड्डों के जरिए सऊदी अरब में दाखिल हो सकते हैं और दोहा से होकर आने पर ही उन्हें सऊदी अरब में प्रवेश दिया जाएगा. इसका मतलब है कि कतर के जो लोग दोहा में नहीं रहते, उन्हें सीधे मक्का पहुंचने की अनुमति नहीं होगी. विदेशों में रह कर पढ़ाई या कारोबार करने वाले कतर के लोगों को इससे परेशानी हो सकती है.

हज में क्या करते हैं लोग

इहराम

श्रद्धालुओं को खास तरह के कपड़े पहनने होते हैं. पुरुष दो टुकड़ों वाला एक बिना सिलाई का सफेद चोगा पहनते हैं. महिलाएं भी सेफद रंग के खुले कपड़े पहनती हैं जिनमें बस उनके हाथ और चेहरा बिना ढका रहता है. इस दौरान श्रद्धालुओं को सेक्स, लड़ाई-झगड़े, खुशबू और बाल व नाखून काटने से परहेज करना होता है.

हज में क्या करते हैं लोग

तवाफ

मक्का में पहुंचकर श्रद्धालु तवाफ करते हैं. यानी काबा का सात बार घड़ी की विपरीत दिशा में चक्कर लगाते हैं.

हज में क्या करते हैं लोग

सई

हाजी मस्जिद के दो पत्थरों के बीच सात बार चक्कर लगाते हैं. इसे साई कहते हैं. यह इब्राहिम की बीवी हाजरा की पानी की तलाश की प्रतिमूर्ति होता है.

हज में क्या करते हैं लोग

अब तक उमरा

अब तक जो हुआ वह हज नहीं है. इसे उमरा कहते हैं. हज की मुख्य रस्में इसके बाद शुरू होती हैं. इसकी शुरुआत शनिवार से होती है जब हाजी मुख्य मस्जिद से पांच किलोमीटर दूर मीना पहुंचते हैं.

हज में क्या करते हैं लोग

जबल उर रहमा

अगले दिन लोग जबल उर रहमा नामक पहाड़ी के पास जमा होते हैं. मीना से 10 किलोमीटर दूर अराफात पहाड़ी के इर्द गिर्द जमा ये लोग नमाज अता करते हैं.

हज में क्या करते हैं लोग

मुजदलफा

सूरज छिपने के बाद हाजी अराफात और मीना के बीच स्थित मुजदलफा जाते हैं. वहां वे आधी रात तक रहते हैं. वहीं वे शैतान को मारने के लिए पत्थर जमा करते हैं.

हज में क्या करते हैं लोग

फिर ईद

अगला दिन ईद के जश्न का होता है जब हाजी मीना लौटते हैं. वहां वे रोजाना के तीन बार के पत्थर मारने की रस्म निभाते हैं. आमतौर पर सात पत्थर मारने होते हैं.

हज में क्या करते हैं लोग

पहली बार के बाद

पहली बार पत्थर मारने के बाद बकरे हलाल किये जाते हैं और जरूरतमंद लोगों के बीच मांस बांटा जाता है. बकरे की हलाली को अब्राहम के अल्लाह की खातिर अपने बेटे इस्माइल की कुर्बानी का प्रतीक माना जाता है.

हज में क्या करते हैं लोग

सफाई

अब हाजी अपने बाल कटाते हैं. पुरुष पूरी तरह गंजे हो जाते हैं जबकि महिलाएं एक उंगल बाल कटवाती हैं. यहां से वे अपने सामान्य कपड़े पहन सकते हैं.

हज में क्या करते हैं लोग

फिर से तवाफ

हाजी दोबारा मक्का की मुख्य मस्जिद में लौटते हैं और काबा के सात चक्कर लगाते हैं.

हज में क्या करते हैं लोग

पत्थर

हाजी दोबारा मीना जाते हैं और अगले दो-तीन दिन तक पत्थर मारने की रस्म अदायगी होती है.

हज में क्या करते हैं लोग

और फिर काबा

एक बार फिर लोग काबा जाते हैं और उसके सात चक्कर लगाते हैं. इसके साथ ही हज पूरा हो जाता है.

दूसरी तरफ, सऊदी अरब के विदेश मंत्री अदेल अल-जुबैर ने कतर के आरोपों को खारिज किया है और संयुक्त राष्ट्र में की गयी शिकायत को "एक आक्रामक कदम और युद्ध की घोषणा" बताया है. उन्होंने कहा कि कतर इस्लाम धर्म के सबसे पवित्र स्थलों के प्रबंधन में हस्तक्षेप कर रहा है.

उन्होंने सऊदी अरब के सरकारी चैनल अल अरबिया से कहा कि कतर के साथ तनाव के बावजूद सभी मुसलमानों का हज यात्रा के लिए स्वागत है और सऊदी अरब इस बारे में सुचारू रूप से सभी प्रबंध करेगा.

वहीं इस्लामी मामलों से जुड़े कतर के मंत्रालय का कहना है कि वह हज यात्रियों का रजिस्ट्रेशन रोक रहा है, क्योंकि सऊदी अरब ने "कतर से बात करने और उसके 20 हजार रजिस्टर्ड हज यात्रियों की सुरक्षा की गारंटी देने से मना कर दिया है". दूसरी तरफ, कतर के विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान ने इन आरोपों से इनकार किया है कि कतर इस मामले को भड़का रहा है. उनके मुताबिक, "जो किया है सऊदी अरब ने किया है."

आखिर क्यों इतना खास है कतर

तेल और गैस

कतर कभी अरब दुनिया के सबसे गरीब देशों में से एक था. लेकिन वह इस क्षेत्र के सबसे अमीर देशों में शामिल है. इसकी वजह उसके यहां मिले तेल और गैस के बड़े भंडार.

आखिर क्यों इतना खास है कतर

हिस्सेदारी

दुनिया की कई बड़ी कंपनियों में कतर की हिस्सेदारी है. इनमें लंदन का नामी डिपार्टमेंटल स्टोर हैरड्स, लग्जरी उत्पाद बनाने वाली फ्रांस की कंपनी एलवीएमएच मोएत एनसी लुई वितौं और पैरी सां जर्मेन फुटबॉल क्लब भी शामिल है.

आखिर क्यों इतना खास है कतर

राजनीतिक महत्वाकांक्षा

कतर ने जहां सूडान के दारफूर में शांति प्रयासों में मध्यस्थ की भूमिका अदा की, वहीं फलस्तीनी गुटों में भी वह बीच बचाव करता रहा है. अफगान तालिबान से शांतिवार्ता में भी कतर ही मध्यस्थ है.

आखिर क्यों इतना खास है कतर

अल जजीरा

कतर की सरकार ने 1996 में अल जजीरा के नाम से एक टेलीविजन नेटवर्क बनाया जिसने अरब दुनिया में खबरों की कवरेज और प्रसारण के तौर तरीकों को ही बदल दिया. दुनिया के दूसरे हिस्सों में अल जजीरा ने अपनी जगह बनायी है.

आखिर क्यों इतना खास है कतर

कतर एयरवेज

कतर की सरकारी एयरलाइंस कतर एयरवेज दुनिया की चुनिंदा एयरलाइंस में शुमार होती है. इसके बेड़े में 192 विमान हैं और यह दुनिया के 151 शहरों को जोड़ती है.

आखिर क्यों इतना खास है कतर

वर्ल्ड कप

कतर में 2022 के फुटबॉल वर्ल्ड कप का आयोजन होगा. अरब दुनिया का वह पहला देश है जो इस टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहा है. हालांकि इस आयोजन के निर्माण कार्यों में विदेशी कामगारों के शोषण की खबरें भी लगातार मीडिया में रहती हैं.

आखिर क्यों इतना खास है कतर

जनसंख्या

कतर अरब दुनिया के सबसे छोटे देशों में से एक है, जिसका क्षेत्रफल 11,437 वर्ग किलोमीटर है. कतर की आबादी लगभग 25 लाख है, जिनमें से 90 प्रतिशत विदेशी हैं.

आखिर क्यों इतना खास है कतर

1971 में अलग देश

कतर 55 साल ब्रिटेन के संरक्षण में रहा है. 1971 में जब उसने संयुक्त अरब अमीरात का हिस्सा बनने से इनकार कर दिया तो एक अलग देश के तौर पर वह अस्तित्व में आया.

आखिर क्यों इतना खास है कतर

शाही परिवार

कतर में 19वीं सदी के मध्य से ही अल-थानी परिवार का शासन है. कतर के मौजूदा अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी ने 2013 में अपने पिता शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी के गद्दी छोड़ने के बाद सत्ता संभाली.

आखिर क्यों इतना खास है कतर

मतभेदों की खाई

सऊदी अरब समेत सात देशों ने कतर से रिश्ते तोड़ लिए हैं, जिससे पहले ही कई संकटों से जूझ रहे मध्य पू्र्व में एक नया विवाद शुरू हो गया है. कतर पर आतंकवादी गुटों का समर्थन करने के आरोप लग रहे हैं जिनसे वह इनकार करता है.

इस बीच, सीरिया ने भी सऊदी अरब पर हज यात्रा का "राजनीतिकरण" करने का आरोप लगाया है. सीरियाई सरकार का कहना है कि सऊदी अरब हज यात्रा पर जाने वाले सीरियाई लोगों पर पाबंदियां लगा रहा है. सीरिया के धार्मिक मामलों के मंत्रालय के मुताबिक सऊदी अरब हज यात्रा का राजनीतिक और वित्तीय फायदा उठाता है.

सीरिया में राष्ट्रपति बशर अल असद की सरकार के साथ सऊदी अरब के कोई संबंध नहीं हैं. सीरियाई लोगों को 2012 से किसी तीसरे देश से वीजा लेकर ही हज पर जाने की अनुमति है. यह वीजा सीरियन हाई हज कमिटी देती है, जिस पर सीरियाई विपक्ष सीरियन नेशनल कोलिशन का नियंत्रण है.

हज को इस्लाम धर्म के पांच स्तंभों में से एक माना जाता है. जो लोग सक्षम हैं, उनके लिए इस्लाम में जीवन में एक बार हज यात्रा पर जाना जरूरी माना जाता है. सऊदी अरब के शहर मक्का में मुसलमानों का सबसे पवित्र धार्मिक स्थल है, जहां हर साल दुनिया भर से लाखों लोग हज के लिए पहुंचते हैं.

एके/ओएसजे (डीपीए, एपी)

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