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बिना स्मार्टफोन भी कर सकेंगे यूपीआई इस्तेमाल

९ मार्च २०२२

आरबीआई ने एक नई यूपीआई सेवा शुरू की है जिसकी मदद से बिना स्मार्टफोन वाले उपभोक्ता भी यूपीआई के जरिए डिजिटल लेन देन कर सकेंगे. जानिए आरबीआई के इस नए कदम के बारे में.

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मुंबई
आरबीआई मुख्यालयतस्वीर: Punit Paranjpe/Getty Images/AFP

अभी तक यूपीआई सेवा का कुशलता से इस्तेमाल सिर्फ स्मार्टफोनों पर ही किया जा सकता था. लेकिन यूपीआई123 नाम की इस नई सेवा की मदद से अब फीचर फोन पर भी यूपीआई का इस्तेमाल किया जा सकेगा.

फीचर फोन यानी वो फोन जिनपर बटन वाले कीपैड होते हैं और टचस्क्रीन डिस्प्ले नहीं होता है. इनमें एप्पल के आईओएस और गूगल के एंड्रॉयड जैसे ऑपरेटिंग सिस्टम नहीं होते हैं और सीमित इंटरनेट और मल्टीमीडिया सुविधाएं होती हैं.

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यूपीआई का नया तरीका

आरबीआई के अनुसार भारत में 40 करोड़ लोग इसी तरह के फोन का इस्तेमाल करते हैं और यूपीआई123 सेवा के जरिए अब वो लोग भी यूपीआई का इस्तेमाल कर पाएंगे.

इस सेवा के तहत उपभोक्ताओं को चार विकल्प मिलेंगे. सबसे पहले तो एक विशेष ऐप मिलेगा जिसके जरिए फीचर फोन वाले उपभोक्ता भी स्मार्टफोन उपभोक्ताओं की तरह यूपीआई का इस्तेमाल कर पाएंगे.

दूसरा, उन्हें एक मिस्ड कॉल सेवा भी मिलेगी जिसके जरिए वो एक नंबर पर मिस्ड कॉल दे कर अपने बैंक खाते से पैसों का लेन देन, भुगतान आदि कर पाएंगे.

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यह नंबर दुकानों पर उपलब्ध रहेगा जहां उपभोक्ता इसे देख पाएंगे और इस पर मिस्ड कॉल दे पाएंगे. उसके बाद उनके फीचर फोन पर एक फोन आएगा जिस पर बात करने के दौरान वो अपना यूपीआई पिन डाल कर लेन देन को प्रमाणित कर सकेंगे.

बढ़ रहा यूपीआई का इस्तेमाल

तीसरा, पहले से दिए गए इंटरैक्टिव वॉयस रिस्पॉन्स (आईवीआर) नंबरों पर फोन कर यूपीआई के जरिए भुगतान और पैसों का लेन देन संभव हो सकेगा. चौथा, ध्वनि आधारित तकनीक के जरिए ध्वनि तरंगों का इस्तेमाल कर डाटा संचार संभव हो सकेगा.

कोलकाता
भारत में यूपीआई का इस्तेमाल बढ़ता ही जा रहा हैतस्वीर: Indranil Aditya/NurPhoto/picture alliance

यूपीआई तुरंत भुगतान करने की एक डिजिटल प्रणाली है जिसे भारत सरकार के राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) ने 2016 में शुरू किया था. आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास का कहना है कि वित्त वर्ष 2021 में कुल 4100 अरब रुपयों का लेन देन यूपीआई पर हुआ था, लेकिन 2022 में इसने बढ़ कर 7600 अरब रुपयों का मकाम छू लिया. 

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उन्होंने आशा जताई कि जल्द ही यह आंकड़ा 10,000 अरब रुपयों के स्तर तक पहुंच जाएगा. यूपीआई123 के अलावा आरबीआई ने "डीजीसाथी" नाम की 24 घंटों की एक हेल्पलाइन भी शुरू की है, जिसका इस्तेमाल डिजिटल भुगतान से जुड़ी किसी भी जानकारी को हासिल करने के लिए किया जा सकता है.

इसके अंतर्गत डीजीसाथी डॉट इंफो नाम की वेबसाइट, एक निशुल्क टेलीफोन नंबर, एक पांच अंकों का नंबर और चैटबॉट सेवा शुरू की गई है. इन सेवाओं पर ऑटोमेटेड जवाब उपलब्ध रहेंगे और धीरे धीरे इन जवाबों को बढ़ाया जाएगा.

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