जर्मनी में तूफान ने मचाया उत्पात

प्रकृति और पर्यावरण

इसे कैटेगरी 3 तूफान बताया जा रहा है, जो 120 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से आगे बढ़ा और भारी नुकसान को अंजाम दे गया.

प्रकृति और पर्यावरण

तूफान से कारण कई पेड़ जड़ से उखाड़ गये. इस कार पर पेड़ गिरा और गाड़ी चलाने वाली महिला की मौके पर ही मौत हो गयी.

प्रकृति और पर्यावरण

बर्लिन और हैम्बर्ग में इसका काफी असर देखने को मिला. यहां रेल सेवाएं भी रद्द करनी पड़ी हैं. मिंडेन शहर में 470 लोगों को रेलवे स्टेशन पर ही रात बितानी पड़ी.

प्रकृति और पर्यावरण

100 अन्य लोग रात भर ट्रेन में ही अटके रहे. कई जगह ट्रेन को ही 'होटल' में तब्दील कर दिया गया. यात्रियों की सुविधा के लिए ट्रेन के स्लीपर कोच उपलब्ध कराये गये.

प्रकृति और पर्यावरण

मेक्लेनबर्ग फोरपॉमारन राज्य में तूफान के कारण बिजली चली गयी और 35,000 लोगों को बिजली के बिना रात बितानी पड़ी. अब भी 10,000 लोग वहां बिजली से वंचित हैं.

प्रकृति और पर्यावरण

बर्लिन के दोनों हवाई अड्डों पर हवाई सेवा स्थगित करनी पड़ी. ब्रेमेन और हनोवर में भी कई अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट रद्द हुईं. लोगों को घर से बाहर ना निकलने की हिदायत दी गयी.

प्रकृति और पर्यावरण

विलहेल्म्सहाफेन के बंदरगाह में हजारों टन भारी यह क्रेन तूफान की चपेट में आया और जेड नदी में गिर गया. कई प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि उन्होंने इससे पहले जर्मनी में कभी इस तरह के तूफान का सामना नहीं किया.

प्रकृति और पर्यावरण

बर्लिन फायर ब्रिगेड का कहना है कि उन्हें गुरूवार शाम मदद के लिए करीब डेढ़ हजार फोन आए. इसी तरह हैम्बर्ग में भी राहतमार्मियों के पास 1200 मामले आये.

प्रकृति और पर्यावरण

इस बीच जर्मनी पर से जेवियर का खतरा टल गया है. मौसम विभाग का कहना है कि तूफान ने अब रूस का रुख कर लिया है.

जर्मनी के उत्तरी हिस्से में जेवियर तूफान के कारण सात लोगों की जान गयी है. गुरुवार को आया यह तूफान इतना शक्तिशाली था कि कई घरों की छतें ही उड़ गयी.