भयानक: इन औरतों का रेप हर साल होता है

महाराष्ट्र में गन्ने की कटाई करने वाले मजदूरों के साथ जो होता है, उसे पढ़कर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे. उनके साथ हर साल इस हद तक रेप होता है कि गर्भाश्य निकलवाने पड़ते हैं.

मॉनसून के बाद हर साल गौरी भिवड़े और उनके पति दसियों हजार लोगों के साथ गन्ने की कटाई का काम करने के लिए महाराष्ट्र के पश्चिमी जिलों में चले जाते हैं. और हर साल गौरी और उनके जैसी सैकड़ों महिलाओं का यौन शोषण होता है. गौरी बताती हैं कि हां, ऐसा तो हर साल होता है.

एक बार गौरी को प्रेग्नेंसी में बहुत दिक्कतें झेलनी पड़ीं. इसके बाद डॉक्टर ने उनसे कहा कि गर्भाश्य निकाल देते हैं ताकि आइंदा दिक्कत ना हो.

महाराष्ट्र में गन्ने की कटाई के लिए जाने वालीं महिलाएं साल दर साल बलात्कार झेल रही हैं. खेतों के मालिकों से लेकर बिचौलिये तक, सब उनको अपना शिकार बनाते हैं. कार्यकर्ताओं के मुताबिक ऐसा कर्ज की वजह से होता है.

देखें, रेप के लिए कहां कितनी सजा होती है

रेप के लिए कहां कितनी सजा

जर्मनी

जर्मन कानून में अब तक रेप की कोशिश का विरोध न करने पर मामला रेप का नहीं बनता था. अब इस परिभाषा में बदलाव किया गया है. अब छूने, अंगों को टटोलने और दबोचने को भी यौन हिंसा के दायरे में लाया गया है.

रेप के लिए कहां कितनी सजा

फ्रांस

फ्रांस में रेप का मतलब है ऐसी कोई भी यौन गतिविधि जिसमें दोनों की सहमति ना हो. वहां 20 साल तक की सजा हो सकती है. गाली-गलौज पर भी दो साल तक की सजा का प्रावधान है.

रेप के लिए कहां कितनी सजा

इटली

1996 में इटली के रेप विरोधी कानून में व्यापक बदलाव किए गए. इसके बाद पत्नी के साथ जबर्दस्ती को भी रेप के दायरे में लाया गया. इसके लिए 10 साल तक की सजा हो सकती है.

रेप के लिए कहां कितनी सजा

स्विट्जरलैंड

स्विट्जरलैंड में रेप तभी माना जाता है जब योनि संसर्ग हुआ हो. अन्य यौन हमलों को यौन हिंसा माना जाता है. इसके लिए 10 साल तक की जेल हो सकती है. 2014 के बाद शादी में भी रेप को अपराध माना गया है.

रेप के लिए कहां कितनी सजा

स्वीडन

स्वीडन में जबरन किसी के कपड़े उतारने पर भी दो साल की कैद हो सकती है. मजबूर लोगों का यौन शोषण, मसलन सोते वक्त या नशे की हालत में या किसी तरह डरा कर सेक्स करने की कोशिश करना भी रेप है.

रेप के लिए कहां कितनी सजा

अमेरिका

अमेरिका में अलग-अलग राज्यों में रेप की परिभाषा अलग-अलग है. लेकिन वहां सेक्स में सहमति पर जोर दिया गया है. सेक्स से पहले स्पष्ट सहमति जरूरी है.

रेप के लिए कहां कितनी सजा

सऊदी अरब

यहां रेप के लिए मौत की सजा का प्रावधान है. हालांकि रेप को साबित करना बहुत मुश्किल है. जो महिलाएं रेप की शिकायत करती हैं अगर वे साबित ना कर पाईं तो उन्हें भी सजा हो सकती है.

रेप के लिए कहां कितनी सजा

भारत

निर्भया कांड के बाद भारत में रेप विरोधी कानून में कई बदलाव किए गे हैं. अब रेप के लिए आमतौर पर सात साल से उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है. लेकिन विशेष परिस्थितियों में जैसे कि पुलिस हिरासत में रेप, रिश्तेदार या टीचर द्वारा रेप के मामले में 10 साल से उम्र कैद तक भी हो सकती है. अगर पीड़िता की मौत हो जाती है तो मौत की सजा भी हो सकती है.

एक कार्यकर्ता बताते हैं कि महिलाओं को उनके परिवार वाले गर्भाश्य निकलवा देने को कहते हैं ताकि वे रेप से प्रेग्नेंट ना हो जाएं. बीड जिले में दर्जनों ऐसी महिलाओं से मिल चुकीं मुंबई में ऐक्शनएड की रीजनल मैनेजर नीरजा भटनागर कहती हैं, "यह एक ऐसा उल्लंघन है जिसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते. इससे ज्यादा क्रूर मानवाधिकार उल्लंघन नहीं हो सकता कि आपको अपना गर्भाश्य इसलिए निकलवा देना पड़े ताकि आप उस अर्थव्यस्था का हिस्सा बन सकें जिसे आपकी रत्ती भर भी परवाह नहीं है."

वैसे, चीनी मिलों की को-ऑपरेटिव के प्रवक्ता ऐसी घटनाओं से साफ इनकार करते हैं. महाराष्ट्र स्टेट को-ऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज फेडरेशन के उपाध्यक्ष श्रीरामजी शेते कहते हैं, "हमने ऐसी कोई घटना नहीं सुनी है. अगर वे तन्खवाह या हालात से नाखुश होते तो हर साल क्यों आते?"

भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चीनी उत्पादक है और महाराष्ट्र भारत का सबसे बड़ा. यहां के पांच लाख ग्रामीण बीड़, शोलापुर, कोल्हापुर, सांगली और सतारा जिलों में गन्ना काटने पहुंचते हैं. मजदूरों को जोड़ों में रखा जाता है. ज्यादातर ऐसे हैं जिनके सिर पर कर्ज है. उन्होंने खेत मालिकों से 50-60 हजार रुपये कर्ज लिया है जिसके बदले वे छह से आठ महीने तक काम करते हैं. और काम खत्म हो जाने के बाद भी साहूकार कहता है कि अभी कर्ज बाकी है इसलिए अगले सीजन फिर आना होगा.

बच्चाबाजी बनी तालिबान का हथियार

क्या है बच्चाबाजी

अफगानिस्तान में ताकतवर राजनीतिज्ञ, सैन्य अफसर, कबीलाई सरदार और अन्य प्रभावशाली लोग बच्चों को दास की तरह रख सकते हैं. यह उनके प्रभाव का प्रतीक होता है.

बच्चाबाजी बनी तालिबान का हथियार

कैसे होती है बच्चाबाजी

दास बनाए गए इन बच्चों को महिलाओं जैसे कपड़े पहनाकर पार्टियों में नचाया जाता है और इनका यौन शोषण भी किया जाता है.

बच्चाबाजी बनी तालिबान का हथियार

समलैंगिकता से इतर

बच्चाबाजी को समलैंगिकता नहीं माना जाता. समलैंगिकता तो इस्लाम में हराम है लेकिन बच्चाबाजी को एक सांस्कृतिक परंपरा कहकर स्वीकार किया जाता है.

बच्चाबाजी बनी तालिबान का हथियार

औरतें और बच्चे

कई अफगान इलाकों में कहावत है कि औरतें बच्चे पैदा करने के लिए होती हैं और लड़के मजे करने के लिए.

बच्चाबाजी बनी तालिबान का हथियार

कैसे होते हैं बच्चे

बच्चाबाजी के लिए इस्तेमाल होने वाले बच्चे 10 से 18 साल के बीच के होते हैं. या तो वे गरीबी की वजह से इसमें फंसते हैं या फिर उन्हें अगवा करके इस पेशे में धकेल दिया जाता है. कई बार गरीब परिवार अपने लड़कों को बेच भी देते हैं.

बच्चाबाजी बनी तालिबान का हथियार

बच्चाबाजी के बाद

बच्चाबाजी झेलने के बाद जो लड़के बड़े होते हैं, देखा गया है कि वे हिंसक हो जाते हैं और तालिबान उन्हें उनके मालिकों के कत्ल के लिए इस्तेमाल करता है.

बच्चाबाजी बनी तालिबान का हथियार

तालिबान ने बैन कियाा

अफगानिस्तान में जब (1996-2001) तालिबान का राज था तो इस परंपरा पर प्रतिबंध लगा दिया गया था. लेकिन हाल के सालों में इसने फिर जोर पकड़ लिया है. दक्षिणी और पूर्वी ग्रामीण इलाकों में इसका चलन काफी है.

बच्चाबाजी बनी तालिबान का हथियार

क्यों बढ़ा

अफगान समाज में महिलाओं पर बहुत ज्यादा पाबंदियां हैं. मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का मानना है कि इससे पुरुषों और महिलाओं का संपर्क कम होता है और बच्चाबाजी बढ़ती है.

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कानून कहां है?

अफगानिस्तान इंडेपेंडेंट ह्यूमन राइट्स कमीशन की रिपोर्ट के मुताबिक देश में रेप के खिलाफ तो कड़े कानून हैं लेकिन बच्चाबाजी को लेकर यह कानून स्पष्ट नहीं है.

ये लोग जिन हालात में रहते हैं, वे अमानवीय से भी बदतर कहे जा सकते हैं. फूस की झोपड़ियों में ना पानी होता है, ना बिजली. शौच की सुविधा तो सपनीली बात है. कई बार पति-पत्नी के साथ उनके बच्चे भी आते हैं. सुबह 4 बजे से शाम 4-5 बजे तक लगातार काम करते हैं.

कई जगह एक-आध डॉक्टर होता है जो कटाई के दौरान कट वगैरह लग जाने पर मरहम पट्टी कर देता है. लेकिन सामाजिक कार्यकर्ता बताते हैं कि चोट अगर ज्यादा लग जाए, या कोई बीमारी हो जाए और कोई और प्रेग्नेंट हो जाए तो उन्हें उससे खुद निपटना होता है.

सतारा में काम करने वाली एक सामाजिक कार्यकर्ता अपना नाम नहीं बताना चाहतीं क्योंकि इससे वे मजदूर मुश्किल में फंस सकते हैं जिनके लिए वह काम करती हैं. वह बताती हैं, "यह बंधुआ मजदूरी का सबसे बुरा रूप है. और इसकी जलन सबसे ज्यादा औरतों को सहनी पड़ती है. वे लोग अपने परिवार को जिम्मेदार नहीं ठहरा सकतीं. वे बस भाग्य को दोष देती हैं. उन्हें पता है कि उनके साथ क्या होगा, फिर भी पेट भरना है तो काम करना ही होगा."

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यौनकर्मियों की संख्या

जर्मनी में यौनकर्मियों की सही संख्या का कोई आधिकारिक आंकड़ा मौजूद नहीं है. यौनकर्मियों के लिए काम करने वाली बर्लिन की हाइड्रा संस्था के मुताबिक करीब चार लाख महिलाएं यौनकर्म से रोजी रोटी कमा रही हैं.

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उत्पत्ति

जर्मनी में पूर्वी यूरोप और अफ्रीका से आई कई महिलाएं इस काम में लिप्त हैं. लेकिन यौनकर्म में शामिल नाबालिग लड़कियां ज्यादातर जर्मन ही हैं. डॉर्टमुंड की राहत संस्था मिडनाइट मिशन के मुताबिक यौनकर्म करने वाली दो तिहाई नाबालिग लड़कियां जर्मन मूल की हैं.

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नशे की लत

इन लड़कियों में कई स्कूली छात्राएं हैं. ये नशे की लती हैं. नशे की जरूरत को पूरा करने के लिए ही ज्यादातर वे यह रास्ता अपनाती हैं. इनमें से ज्यादातर अपने घरों से भागी हुई हैं और उनके पास रहने का ठिकाना नहीं है.

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अंधेरी दुनिया

यौनकर्म को कमाई के लिए अपनाने के कई कारण हैं. कभी वे दोस्तों या रिश्तेदारों के बहकावे में आकर यह काम करने लगती हैं तो कभी वे धोखे का शिकार हो जाती हैं. कई बार पुरुष उनके बॉयफ्रेंड बनकर उन्हें इस काम में बहला फुसलाकर घसीट लेते हैं.

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सख्त सजा

जर्मनी में लड़कियों को जबरन वैश्यावृति में धकेले जाने को रोकने के लिए कानून में सख्ती लाई जा रही है. भविष्य में लड़कियों की मजबूरी का फायदा उठाकर उन्हें सेक्स वर्क में धकेलने वालों को 10 साल तक कैद की सजा होगी.

यौनकर्म की अंधेरी दुनिया में नाबालिग

बचाने की कोशिश

बंधुआ सेक्स वर्करों से सेवा लेने वाले लोगों को भी भविष्य में जर्मनी में तीन महीने से पांच साल तक कैद हो सकती है. सजा से बचने के लिए जरूरी होगा कि वह बंधुआ सेक्स वर्करों के बारे में अधिकारियों को फौरन सूचना दे.

यौनकर्म की अंधेरी दुनिया में नाबालिग

छोड़ना मुश्किल

यौनकर्म की दुनिया में प्रवेश के बाद इनका बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है. अक्सर वे यह समझ ही नहीं पाती हैं कि वे अपने साथ क्या कर रही हैं. कम उम्र में उनमें लोगों के खिलाफ जाने की प्रवृत्ति होती है. वे यौनकर्म को सामाजिक मान्यताओं को तोड़ने के कदम की नजर से देखती हैं.

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