धमाके में स्वाहा हो गया फेसबुक का अरबों का रॉकेट

फेसबुक के 20 करोड़ डॉलर एक धमाके में स्वाहा हो गए. यह धमाका एक रॉकेट में हुआ जिसे अंतरिक्ष में भेजा जाना था. इस रॉकेट का मकसद अफ्रीका में मुफ्त इंटरनेट उपलब्ध कराना था.

अमेरिका के केप केनेवरल में गुरुवार सुबह इस रॉकेट को स्पेस में भेजा जाना था. लेकिन स्पेसएक्स फाल्कन 9 नाम के इस रॉकेट में उड़ान से पहले ही धमाका हो गया और सब तबाह हो गया. आप भी देखिए यह बेहद नाटकीय वीडियो..

धमाका इतना जोरदार था कि दो मील दूर घरों के दरवाजे और खिड़कियां हिल गए थे. इस धमाके में फेसबुक के 20 करोड़ डॉलर भी स्वाहा हो गये. यह एमोस-6 सैटलाइट था जो शनिवार को अंतरिक्ष में भेजा जाना था. स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क ने बताया कि धमाके की वजह का अब तक पता नहीं चल पाया है. इस उपग्रह का मकसद अफ्रीका के 14 देशों में मुफ्त इंटरनेट उपलब्ध कराना था. फेसबुक के सीईओ मार्क जकरबर्ग ने कहा है कि यह एक निराशाजनक वाकया था.

क्या आपको पता है, अंतरिक्ष में भी उगते हैं फूल और सब्जियां

अंतरिक्ष में भी उगते हैं फूल और सब्जियां

पहला फूल

यह है जीनिया. अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन आईएसएस पर खिला पहला फूल. जीनिया को खाया भी जा सकता है. इसे उगाने का मकसद भी अंतरिक्ष यान की खूबसूरती बढ़ाना नहीं, बल्कि अंतरिक्ष में यात्रियों का पेट भरना है. इस तस्वीर को अंतरिक्ष यात्री स्कॉट केली ने ट्वीट किया.

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स्कॉट केली

23 अक्टूबर 2015 को स्कॉट केली अंतरिक्ष में सबसे लंबा वक्त बिताने वाले इंसान बन गए. तब तक वे स्पेस में 382 दिन बिता चुके थे. फिलहाल वे अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के "वन ईयर मिशन" के कप्तान हैं और लगातार अंतरिक्ष से तस्वीरें ट्वीट करते हैं.

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वन ईयर मिशन

मार्च 2015 से अमेरिका के स्कॉट केली और रूस के मिखाइल कोरनीएंको नासा के वन ईयर मिशन का हिस्सा हैं. मकसद है आईएसएस पर रह कर अंतरिक्ष यात्रियों की मानसिक और शारीरिक सेहत पर पड़ने वाले असर का अध्ययन करना.

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वेजी

अंतरिक्ष यात्रियों को खुद अपने लिए खाना भी उगाना है. इस प्रोजेक्ट को नासा ने वेजिटेबल प्रोडक्शन सिस्टम का नाम दिया है, जिसे वेजी कहा जाने लगा है. मकसद है ऐसी चीजें उगाना जो भविष्य में मंगल पर रहने वाली बस्ती के काम आ सकें.

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एयरोपॉनिक्स

अंतरिक्ष में पौधों को बिना मिट्टी के उगाया जाता है. इसमें बहुत कम पानी और खाद खर्च होती है. इस तरीके को एयरोपॉनिक्स कहा जाता है. इसमें पौधे सामान्य से तीन गुना ज्यादा तेजी से बढ़ते हैं.

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मुश्किलें

पौधों को अंतरिक्ष में माइक्रोग्रैविटी का सामना करना पड़ता है, इसलिए उन्हें उगाना मुश्किल हो जाता है. जीनिया के पौधे पर ज्यादा नमी के कारण फफूंद लग गयी थी लेकिन केली उसे बचाने में कामयाब रहे.

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सलाद

2014 में आईएसएस पर पौधे उगाने का सिलसिला शुरू हुआ. 2015 में क्रू ने पहली बार सलाद उगा कर चखा (तस्वीर में). इससे पहले 2012 में अंतरिक्ष यात्री डॉनल्ड पेटिट ने जुकीनी (एक तरह की लौकी) का पौधा भी उगाया.

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टमाटर

नासा की लिस्ट पर अगली सब्जी है चीनी बंद गोभी. इसके बाद 2018 में आईएसएस पर टमाटर उगाने की भी योजना है. साथ ही सलाद के पत्तों को बेहतर बनाना है. ये सब पौधे छोटे छोटे ग्रीनहाउस में उगाए जाएंगे.

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फिल्म जैसा

2015 में आई हॉलीवुड की बहुचर्चित फिल्म "मार्शियन" में काफी कुछ वैसा दिखाया गया है, जैसा नासा कर रहा है या फिर करने की योजना रखता है. स्कॉट केली भी खुद अपनी तुलना फिल्म के मुख्य किरदार मार्क वॉटनी से कर चुके हैं.

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