वीडियो: इतिहास रचती दीपा

जिमनास्टिक में भारत का कमजोर प्रदर्शन किसी से छुपा नहीं है. लेकिन दीपा कर्मकार जैसे एथलीट इस तस्वीर को बदल रहे हैं.

बहुत कम लोगों को यह पता है कि त्रिपुरा की दीपा कर्मकार के नाम एक रिकॉर्ड है. प्रोडुनोवा वॉल्ट की एक छलांग के दौरान तीन बार हवा में गोता खाने का कीर्तिमान दीपा के नाम है. इस खेल के इतिहास में अब तक तीन महिलाएं ही ऐसा कर पाई हैं. दीपा उनमें से एक हैं.

पूर्वोत्तर भारत के त्रिपुरा राज्य में जन्मीं दीपा ने यह रिकॉर्ड 2014 में ग्लासगो के कॉमनवेल्थ खेलों में बनाया. तब दीपा काफी पीछे चल रही थीं, लेकिन उस रिकॉर्ड जंप ने उन्हें कांसा दिला दिया. 2015 में हिरोशिमा में एशियन चैंपियनशिप के दौरान भी दीपा ने कांसा जीता. दीपा भारत की पहली महिला एथलीट हैं जिन्होंने जिमनास्टिक्स के अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में पदक जीते हैं.

ओलंपिक के लिए क्वॉलिफाई करने वाली वह भारत की पहली जिमनास्ट हैं. अब वह रियो ओलंपिक्स में है और शुरुआत के अच्छे प्रदर्शन को पदक में बदलने की कोशिश कर रही हैं.

सर्वकालीन महान खिलाड़ी

ध्यानचंद

दूसरे कई खेलों में सर्वकालीन महान खिलाड़ी को चुनने में काफी बहस होती है, लेकिन हॉकी में ऐसा नहीं है. हॉकी में भारत के ध्यानचंद सिंह को आज भी इस खेल का सबसे बड़ा सितारा माना जाता है.

सर्वकालीन महान खिलाड़ी

पेले

पेले और माराडोना में में बड़ा खिलाड़ी कौन है, यह सवाल विवाद पैदा करता है. अर्जेंटीना और ब्राजील के लिए तो यह सवाल जज्बाती जंग सा है. लेकिन आंकड़े ब्राजीलियाई स्टार पेले का पलड़ा भारी करते हैं. पेले ने 1,000 से ज्यादा गोल किये और दो बार अपनी टीम को वर्ल्ड चैंपियन भी बनाया.

सर्वकालीन महान खिलाड़ी

ब्रूस ली

चीन के ब्रूस ली को मार्शल आर्ट का सबसे बड़ा खिलाड़ी माना जाता है. कई लोग तो उन्हें मार्शल आर्ट का संस्थान कहते हैं. हॉलीवुड में भी अपनी कामयाबी के झंडे गाड़ने वाले ली ने एशिया के प्रति पश्चिमी सिनेमा का नजरिया भी बदला.

सर्वकालीन महान खिलाड़ी

मुहम्मद अली

मुक्केबाजी में मुहम्मद अली को सर्वकालीन महान मुक्केबाज माना जाता है. हालांकि उन्होंने अपने लिए खुद यह नाम चुना. बाद में इसे लोगों ने भी स्वीकार कर लिया. अली कुल 61 बार रिंग में उतरे और 56 बार विजेता बनकर निकले.

सर्वकालीन महान खिलाड़ी

स्टेफी ग्राफ

कई लोग यह तर्क दे सकते हैं कि मार्टिना नवरातिलोवा या सेरेना विलियम्स ने स्टेफी ग्राफ से ज्यादा खिताब जीते हैं. लेकिन स्टेफी ग्राफ को दूसरे कारणों के चलते सबसे ऊपर आंका जाता है. जर्मनी की स्टेफी ग्राफ ने 17 साल तक लगातार जबरदस्त प्रदर्शन किया. वह हर तरह के कोर्ट में जीतीं और रिकॉर्ड 377 हफ्तों यानि करीब सवा सात साल तक नंबर एक खिलाड़ी बनी रहीं.

सर्वकालीन महान खिलाड़ी

सचिन तेंदुलकर

कुछ आलोचक सर डॉन ब्रैडमैन को सचिन तेंदुलकर से बड़ा बल्लेबाज मान सकते हैं. लेकिन इसके बावजूद तेंदुलकर को ऑल टाइम ग्रेट बैट्समैन कहा जाएगा. 22 साल के लंबे करियर में तेंदुलकर ने तमाम देशों के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों का सामना किया और रनों का अंबार लगाया.

सर्वकालीन महान खिलाड़ी

मिषाएल शूमाखर

जर्मनी के मिषाएल शूमाखर को फॉर्मूला वन का सबसे बड़ा सितारा माना जाता है. सात बार वर्ल्ड चैंपियन रह चुके शूमाखर बरसात में रेस जीतने के मामले में बेजोड़ थे. एक सत्र में लगातार 13 रेसें जीतने का रिकॉर्ड भी उन्हीं के नाम है.

सर्वकालीन महान खिलाड़ी

रोजर फेडरर

जो काम पीट सैम्प्रस नहीं कर पाए वो रोजर फेडरर ने कर दिखाया. इस स्विस खिलाड़ी ने 17 ग्रैंड स्लैम जीतने का रिकॉर्ड बना दिया. अक्टूबर 2002 के बाद से फेडरर हमेशा रैंकिंग में टॉप 10 पर बने रहे. करीब पांच साल तक तो वह नंबर एक रहे. उनसे पहले अमेरिका के पीट सैम्प्रस को महान खिलाड़ी माना जाता था. लेकिन 14 ग्रैंड स्लैम जीतने वाले सैम्प्रस कभी फ्रेंच ओपन नहीं जीत सके.

सर्वकालीन महान खिलाड़ी

माइकल फेल्प्स

स्विमिंग पूल में तो बहुत तैराक उतरे लेकिन वहां से जितने रिकॉर्ड और गोल्ड मेडल अमेरिका के माइकल फेलेप्स ने निकाले, उतने और कोई नहीं निकाल सका. वह सबसे ज्यादा ओलंपिक मेडल जीतने वाले तैराक हैं. 30 जून 1985 को पैदा हुए फेल्प्स अब तक 22 मेडल अपने नाम कर चुके हैं. ओलंपिक में ही उनके तीन रिकॉर्ड हैं.

सर्वकालीन महान खिलाड़ी

यूसेन बोल्ट

जमैका के यूसेन बोल्ट ने अपनी बिजली जैसी रफ्तार से फर्राटा दौड़ के पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिये. 100 और 200 मीटर रेस का रिकॉर्ड बोल्ट के पास है. आम तौर पर फर्राटा दौड़ में विजेता और उपविजेता के बीच फासला बहुत कम होता है, लेकिन बोल्ट हमेशा बड़े अंतर से आगे रहे.

सर्वकालीन महान खिलाड़ी

फेलिक्स बाउमगार्टनर

फ्री जम्पिंग की जब भी बात होगी, तब ऑस्ट्रिया के फेलिक्स बाउमगार्टनर का नाम आएगा. 2012 में धरती से 37 किलोमीटर ऊपर जाकर उन्होंने छलांग लगाई. 1,342 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से नीचे आते हुए वह दुनिया के पहले ऐसे व्यक्ति बन गए जो ध्वनि से तेज गति हासिल कर सके.

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