जर्मनी में शुरू हुआ जी टीवी

भारत में जी टीवी को घर घर में जाना जाता है. अब यह चैनल जर्मनी में भी पहुंच गया है और वो भी बॉलीवुड के तड़के के साथ.

जर्मनी में अगर बॉलीवुड का नाम लेंगे तो सबसे पहला नाम सुनने को मिलेगा शाहरुख खान का. ऐसा इसलिए क्योंकि पिछले कुछ सालों से स्थानीय चैनल आरटीएल मुक्य रूप से शाहरुख खान की फिल्मों को जर्मन में डब कर के दिखाता रहा है. लेकिन क्योंकि आरटीएल पर सीमित ही फिल्में देखी गयी हैं, इसलिए बॉलीवुड का मतलब जर्मनी में रहने वालों के लिए रंग बिरंगे कपड़े, खूब सारा नाच गाना और रोने धोने वाली कहानी ही रहा है.

जी टीवी का दावा है कि वह इस छवि में बदलाव लाएगा. 24 घंटे चलने वाला चैनल जी वन दिन भर बॉलीवुड ही दिखाएगा और वो भी जर्मन में. जी टीवी के चेयरमैन सुभाष चंद्रा ने डॉयचे वेले से बातचीत में बताया कि चैनल का टार्गेट ऑडिएंस 19 से 59 साल की महिलाएं है. उन्हें उम्मीद है कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं की बॉलीवुड में ज्यादा रुचि होगी.

देखिए, कहां हुई गेम ऑफ थ्रोन्स की शूटिंग

कहां हुई गेम ऑफ थ्रोन्स की शूटिंग

क्रोएशिया

वेस्टरोस में किंग्स सीट यानी वह शहर जहां राजा का महल है, क्रोएशिया का मशहूर शहर दुब्रोवनिक है.

कहां हुई गेम ऑफ थ्रोन्स की शूटिंग

नर्दर्न आयरलैंड

नॉर्थ ऑफ वेस्टरोस और आयरन आईलैंड के रूप में जो जगह दिखती है, वह नर्दर्न आयरलैंड है. और भी कई सीन यहीं शूट हुए हैं.

कहां हुई गेम ऑफ थ्रोन्स की शूटिंग

आइसलैंड

गेम ऑफ थ्रोन्स में जो नॉर्थ है, वह अक्सर आइसलैंड में दिखता है. और नॉर्थ ऑफ द वॉल जिस जगह को कहा जाता है वह बर्फीली जगह भी यहीं है.

कहां हुई गेम ऑफ थ्रोन्स की शूटिंग

मोरक्को

द्रोगो से शादी से पहले डेनेरिस और उसका भाई जिस शहर में छिपते हैं, वह पेंटोस मोरक्को में है. और फिर जिस शहर से गुलामों को आजाद कराया जाता है, वह भी यही है.

कहां हुई गेम ऑफ थ्रोन्स की शूटिंग

माल्टा

द्रोगो और डेनेरिस की शादी माल्टा में फिल्माई गई है. उस सीन में यह पहाड़ी छेद भी दिखता है.

कहां हुई गेम ऑफ थ्रोन्स की शूटिंग

स्पेन

राजा के महल के कई दृश्य स्पेन में फिल्माए गए हैं. वॉटर ऑफ गार्डन्स यही है.

कहां हुई गेम ऑफ थ्रोन्स की शूटिंग

स्कॉटलैंड

जिसने भी गेम ऑफ थ्रोन्स देखा है, इस जगह को जानता है. यही विंटरफेल है. यहीं पहला एपिसोड फिल्माया गया था. स्कॉटलैंड का यह कासल 13वीं सदी का है.

ब्रिटेन के बाद जर्मनी यूरोप में फिल्मों का दूसरा सबसे बड़ा बाजार भी है. पिछले कुछ समय से यहां नियमित रूप से सिनेमाघरों में बॉलीवुड फिल्में भी लगने लगी हैं. खास कर शाहरुख खान अपनी फिल्मों को जर्मनी में जरूर रिलीज करते हैं. डॉन2 की शूटिंग भी उन्होंने बर्लिन में की और फरवरी की कड़कड़ाती सर्दी में जब वे बर्लिनाले फिल्म महोत्सव पहुंचे, तो उनके इंतजार में करीब एक हजार जर्मन वहां जमा थे.

2014 के आंकड़े बताते हैं कि जर्मनी में कम से कम 80,000 भारतीय रहते हैं. इस लिहाज से सिनेमाघरों के लिए बॉलीवुड फिल्में दिखाना फायदे का सौदा साबित हो रहा है. हालांकि जी टीवी का टारगेट ऑडिएंस भारतीय ना हो कर जर्मन है. और अधिकतर जर्मनों को तीन तीन घंटे लंबी फिल्में देखने की आदत नहीं है. ना ही कहानी के बीच गाने का ब्रेक उन्हें लुभाता है. ऐसे में जर्मनी के बाजार पर अपनी छाप छोड़ना जी टीवी के लिए आसान नहीं होगा.

सावधान! निकम्मा बना देती हैं ये 10 आदतें

निकम्मा बनातीं 10 आदतें

नींद से पहले काम

अगर आप काम करने से इतना प्यार करते हैं कि अपनी नींद कुर्बान कर रहे हैं तो यकीन मानिए, आपके काम करने की क्षमता धीरे-धीरे इतनी घट जाएगी कि आप निकम्मे हो जाएंगे.

निकम्मा बनातीं 10 आदतें

इंटरनेट की आदत

काम करते करते अचानक कुछ याद आया और लगे इंटरनेट पर सर्च करने. फिर एक से दूसरी साइट और दूसरी से कब दसवीं हुई पता ही नहीं चला. ऐसा होता है न? इंटरनेट एक लत है.

निकम्मा बनातीं 10 आदतें

ब्रेकफास्ट न करना

ब्रेकफास्ट न करके आप समय नहीं बचाते, एनर्जी कम कर देते हैं. सुबह खाना न खाया तो दिनभर आपकी एनर्जी कम रहेगी. शाही लंच भी इसकी पूर्ति नहीं कर पाएगा.

निकम्मा बनातीं 10 आदतें

जरूरी काम को टालते जाना

अरे यार, करना तो था मगर... चल शाम को कर दूंगा. या कल सुबह. बस ये लाइंस आपको निकम्मा बनाने के लिए काफी हैं. यूं ही नहीं कहा गया है कि काल करे सो आज कर.

निकम्मा बनातीं 10 आदतें

बार-बार ईमेल चेक करना

हर पांच मिनट में देखना कि कोई ईमेल तो नहीं आया है. खासकर स्मार्टफोन पर. क्या आपको पता है कि सिर्फ देखने में आप दिनभर में आधा घंटा गंवा देते हैं?

निकम्मा बनातीं 10 आदतें

खूब मीटिंग करना

गैरजरूरी मीटिंग से ज्यादा निकम्मा बनाने वाली आदत कोई नहीं है. अगर उस मीटिंग के बिना, सिर्फ ईमेल भेजकर काम हो सकता है कर लीजिए. निकम्मा होने से बेहतर है.

निकम्मा बनातीं 10 आदतें

मल्टीटास्किंग

ये भी कर लूं, वो भी कर लूं. ना. रिसर्च कहती है कि सब काम करने की काबिलियत सिर्फ 2 पर्सेंट लोगों में होती है. एक काम कीजिए और ऐसा कीजिए कि लोग देखते रह जाएं.

निकम्मा बनातीं 10 आदतें

प्राथमिकताएं तय न कर पाना

अगर आपको नहीं पता है कि सबसे पहले क्या काम जरूरी है. अगर आप इस बात को लेकर कन्फ्यूज्ड हैं तो आप अपना समय और एनर्जी बर्बाद करते रहेंगे. बचिए.

निकम्मा बनातीं 10 आदतें

प्लानिंग ही प्लानिंग

प्लानिंग करना बहुत अच्छी बात है. लेकिन सारा जोर अगर प्लानिंग पर ही रहेगा और उसके चक्कर में किया कुछ नहीं तो फिर प्लानिंग कर दरिया में डाल. करने से बेहतर कुछ नहीं है.

जी टीवी का दावा है कि दुनिया के 165 देशों में उसके दर्शक हैं लेकिन जर्मनी को किसी भी विदेशी चैनल के लिए एक चुनौती भरा बाजार माना जाता है. यहां अंग्रेजी फिल्में और अंग्रेजी धारावाहिक भी जर्मन में डब होने के बाद ही टीवी पर दिखाए जाते हैं. सुभाष चंद्रा इन चुनौतियों को जानते हैं. उनका कहना है, "जर्मनी बेहद अहम है क्योंकि हमें लगता है कि अगर हम इस बाजार में सफल हो जाएं, तो दुनिया के किसी भी बाजार में सफल हो सकेंगे."

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