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आबादी से दूर अकेला खड़ा फर का पेड़

२५ दिसम्बर २०२०

सुदूर उबड़ खाबड़ द्वीप पर तेज हवाओं के थपेड़ों के बीच एक अकेला पेड़ वीरानियों से लड़ कर रिकॉर्ड बना रहा है. यह पेड़ इस द्वीप का मूल निवासी नहीं है फिर भी मौसमी झंझावातों के बीच डटा हुआ है.

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Neuseeland Campbell-Insel
कैम्पबेल द्वीपतस्वीर: M. Guyt/AGAMI/blickwinkel/imago images

न्यूजीलैंड से करीब 70 किलोमीटर दूर दक्षिण की ओर कैम्पबेल द्वीप पर सिटका फर का एक पेड़ खड़ा है. इसके 250 किलोमीटर के दायरे में कोई दूसरा पेड़ नहीं है. सबअंटार्कटिक इलाके में तेज हवाओं और दुश्वार मौसम का सामना करते इस तन्हा पेड़ को दुनिया का सबसे सुदूर पेड़ माना गया है. कैम्पबेल द्वीप न्यूजीलैंड के सबअंटार्टटिक इलाके में बिल्कुल एक कोने पर मौजूद है.
कुछ लोग इस पेड़ को रैनफर्ली का पेड़ कहते हैं. वे लोग मानते हैं कि 1897 से 1904 तक न्यूजीलैंड के गवर्नर जनरल रहे लॉर्ड रैनफर्ली ने इस सूदुर द्वीप पर 1907 में यह पेड़ लगाया था. हालांकि कुछ लोग इसकी उत्पत्ति और पहले बताते हैं, वैज्ञानिक अब तक इसकी सही उम्र का पता नहीं लगा सके हैं. न्यू साउथ वेल्स यूनिवर्सिटी के रिसर्च एसोसिएट जोनाथन पाल्मर ने पेड़ कब लगाया गया यह जानने के लिए इस द्वीप की यात्रा भी की. हालांकि पेड़ ने अपनी आयु को छिपा रखा है. यहां से लिए गए नमूनों से इसकी उम्र का पता नहीं चल सका. पाल्मर का कहना है, "जिस तेजी से यह पेड़ बढ़ रहा है उसे देखने के बाद निजी रूप से मैं नहीं मानता कि इसे 1901 में लगाया गया होगा."
मौसम विज्ञानी मार्क क्रॉम्पटन को इस पेड़ का पुराना जानकार माना जाता है क्योंकि उन्होंने इस जगह का कई बार दौरा किया है और करीब 7 साल यहीं रहे हैं. इस पेड़ के अभिनंदन करने के लिए 1989 में यहां एक पट्टिका लगाई गई. तब गवर्र जनरल पॉल रीव्स ने इस द्वीप का दौरा किया था. क्रॉम्पटन को याद है कि तब 1907 में पेड़ लगाने की बात का जिक्र हुआ. हालांकि क्रॉम्पटन कहते हैं,"यह पट्टिका दो हफ्ते से ज्यादा नहीं टिक सकी."
फर के ये पेड़ उत्तरी अमेरिका के पश्चिमी तट के मूल वासी हैं और आमतौर पर अलास्का और कैलिफोर्निया में पाया जाता है. क्रॉम्पटन कहते हैं, "तो कैम्पबेल द्वीप का फर अपने घर से बहुत दूर है."
पाल्मर ने इस बात पर सहमति जताते हुए ध्यान दिलाया कि दुखद रूप से पेड़ की इस प्रजाति को संरक्षित द्वीप पर लगाया गया है. पाल्मर ने कहा, "यह यहां पर ऐतिहासिक वजहों से है लेकिन मैं कठोरता से कहूंगा कि इसे यहां से हटाया जाना चाहिए क्योंकि इसमें बीज पैदा करने की क्षमता है जिससे समस्या होगी." संरक्षण अधिकारी इसकी निगरानी कर रहे हैं लेकिन अभी तक कोई बीज नजर नही आया है.
वनस्पति विज्ञानी रोडने रस और उनकी पत्नी शिर्ली का हेरिटेज एक्सपेडिशन उन्हें 1984 के बाद अकसर यहां लेकर आता है. ये लोग इसकी खूबसूरती को दुनिया के सामने ले जाना चाहते हैं ताकि लोग जिम्मेदारी के साथ सफर करें और प्राकृतिक विरासतों को सहेजें. उनके बेटे आरोन ने अब यह जिम्मेदारी संभाल ली है और उनके मन में भी यही भावना है. वो कहते हैं कि फर का यह पेड़ कभी अपने पूरे शबाब पर नहीं पहुंचा. यहां ऐसी अफवाहें हैं कि द्वीप के वैज्ञानिक हर साल इसकी ऊपरी शाखाओं को काट कर क्रिसमस ट्री के रूप में सजा लेते हैं.
आदर्श स्थिति में ऐसे पेड़ 100 मीटर की ऊंचाई तक बढ़ सकते हैं हालांकि यहां कैम्पबेल में इसके लिए अनुकूल मौसम नहीं है. यहां साल में करीब 325 दिन बारिश होती है और महज 600 घंटे के लिए ही सूरज दिखाई देता है. इस प्रतिकूल मौसम में भी कई दशकों से तन्हा खड़ा पेड़ दुनिया को अपने हौसले और संयम का संदेश सुना रहा है, रिकॉर्ड बना रहा है.
एनआर/ओएसजे(डीपीए)

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