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इंडोनेशिया में चर्च पर हमला

८ फ़रवरी २०११

इंडोनेशिया में गुस्साई भीड़ ने चर्चों पर हमला किया. भीड़ ईशनिंदा के एक आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग कर रही है. पुलिस ने भीड़ को तितर बितर करने के लिए आंसू गैस इस्तेमाल की.

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तस्वीर: AP

इंडोनेशिया में मुसलमानों की भीड़ ने कुछ चर्चों को आग लगा दी और उनमें तोड़ फोड़ भी की. ये लोग अनटोनियस बवेंगन नाम के एक 58 वर्षीय ईसाई को मौत की सजा मांग रहे थे. इस आदमी पर ईशनिंदा का आरोप है. बताया जा रहा है कि इस आदमी ने पर्चे बांट कर मुसलामानों के खिलाफ नफरत फैलाने की कोशिश की थी. मध्य जावा की एक अदालत ने इसे पांच साल की कैद की सजा सुनाई, जो ऐसे मामले में अधिकतम सजा है.

स्थानीय लोगों का मानना है कि यह सजा बहुत कम है. मध्य जावा जिले के पुलिस प्रवक्ता जिहार्तोनो ने बताया कि भीड़ में मौजूद लोग 'जला दो' और 'मार दो' के नारे लगा रहे थे और यह मांग कर रहे थे कि या तो उस आदमी को फांसी पर लटका दिया जाए या फिर भीड़ के हवाले कर दिया जाए.

पुलिस ने बताया कि भीड़ ने दो चर्चों को आग लगा दी. उन्होंने खिड़कियां भी तोड़ी और एक और चर्च को भी नुकसान पहुंचाया. करीब 1500 लोगों ने चर्च पर हमला किया जिसे रोकने के लिए पुलिस को आंसू गैस का प्रयोग करना पड़ा और चेतावनी के तौर पर हवा में गोलियां भी चलानी पडी. जिहार्तोनो ने बताया कि वहां 1,500 प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए करीब 1000 पुलिसकर्मी मौजूद थे. उन्होंने बताया कि हालात अब काबू में हैं.

दो दिन पहले ही इस भीड़ ने अल्पसंख्यक अहमदिया सम्प्रदाय के तीन लोगों की ह्त्या कर दी थी. एक वीडियो में दिखाया गया है कि किस तरह से गुस्साई भीड़ ने अहमदिया सम्प्रदाय के 10 लोगों को बेरहमी से पीटा. इनमें से तीन की उन्होंने पत्थर मार मार कर जान ले ली जबकि बाकी लोग किसी तरह अपनी जान बचाने में कामयाब रहे. दो लोग फिलहाल लापता हैं. वीडियो में यह भी दिख रहा है कि किस तरह पुलिस खामोशी से तमाशा देखती रही. इस मामले में अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है.

रिपोर्ट: एजेंसियां/ईशा भाटिया

संपादन: ए कुमार

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