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पाकिस्तान में सीआईए के मुखबिर गिरफ्तार

१५ जून २०११

पाकिस्तानी खुफिया सर्विस आईएसआई ने अमेरिकी गुप्तचर एजेंसी सीआईए के पांच मुखबिरों को गिरफ्तार किया. इनमें पाकिस्तानी सेना का एक मेजर भी है. गिरफ्तारियों का संबंध ओसामा कांड से है. अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स का दावा.

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तस्वीर: picture alliance/Ton Koene

रिपोर्ट के मुताबिक सीआईए के मुखबिरों में शामिल पाकिस्तानी सेना के मेजर ने एबटाबाद में बिन लादेन के ठिकाने पर जाने वाली कारों के नंबर प्लेट कॉपी किए. यह अल कायदा सरगना ओसामा बिन लादेन को मारे जाने से पहले किया गया. ओसामा बिन लादेन को दो मई की रात अमेरिकी नेवी के विशेष दस्ते ने पाकिस्तान के एबटाबाद शहर में मार गिराया.

अभी यह साफ नहीं हुआ है कि गिरफ्तारियां किन आरोपों के चलते की गई हैं. पिछले हफ्ते सीआईए के निदेशक लियोन पैनेटा इस्लामाबाद गए थे. पैनेटा ने पाकिस्तानी सेना के प्रमुख जनरल अशफाक कियानी और आईएसआई के प्रमुख ले. जनरल शूजा पाशा से मुलाकात की. मुलाकात के दौरान पैनेटा ने सीआईए के पांच मुखबिरों की गिरफ्तारी का मुद्दा उठाया.

वॉशिंगटन में कुछ लोग इन गिरफ्तारियों को पाकिस्तान और अमेरिका के बीच बढ़ते अविश्वास का एक और उदाहरण मान रहे हैं. एक ऐसे वक्त में जब आतंकवाद के खिलाफ अमेरिका पाकिस्तान का साथ चाहता है, आईएसआई की ओर से एकदम उलट कदम उठाए जा रहे हैं. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट कहती है कि ओसामा बिन लादेन को आराम से छुपाने वालों को ढूंढने के बजाए पाकिस्तानी प्रशासन उन लोगों को गिरफ्तार कर रहा है जिन्होंने दुनिया के सबसे वांछित आतंकवादी को मार गिराने में मदद की.

ओसामा बिन लादेन को मार गिराए जाने के बाद से ही पाकिस्तानी सेना आतंकवादियों के निशाने पर है. आए दिन हमले हो रहे हैं. विशेषज्ञों के मुताबिक इन हमलों से सेना का आत्मविश्वास डगमगा चुका है. मुखबिरों को गिरफ्तार कर यह दिखाने की कोशिश हो रही है कि बिन लादेन को ढूंढने में मदद करने वालों को सजा दी जा रही है.

अमेरिकी अखबार कहता है इन गिरफ्तारियों से पाकिस्तान और अमेरिका के संबंधों को एक और आघात लगा है. पिछले हफ्ते सीआईए के उप निदेशक माइकल जे मोरे से जब यह पूछा गया कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में पाकिस्तान अमेरिका को कितना सहयोग दे रहा है. मोरेल ने कहा कि सहयोग को 10 में से तीन अंक दिए जा सकते हैं.

रिपोर्ट: एजेंसियां/ओ सिंह

संपादन: महेश झा

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