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फेसबुक के साथ किराना स्टोरों में पैठ बनाएगा रिलायंस

क्रिस्टीने लेनन
२२ अप्रैल २०२०

सोशल मीडिया दिग्गज फेसबुक भारत की टेलिकॉम कंपनी रिलायंस जियो में अरबों डॉलर का निवेश करेगी. भारतीय कंपनी में उसका हिस्सेदारी करीब 10 प्रतिशत हो जाएगी. आखिर इस निवेश से फेसबुक को क्या मिलेगा?

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Jio Phone Indien
तस्वीर: Getty Images/AFP

रिलायंस जियो के साथ फेसबुक के करार और बड़े निवेश के बाद रिलायंस जियो की कोशिश देश के करोड़ों छोटे दुकानदारों तक अपनी पैठ बनाने की होगी. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक ने रिलायंस समूह की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स में बड़े निवेश की घोषणा की है. इसके बाद कोरोना के भय से लुढ़के बाजार में जान आ गयी. खासतौर पर रिलायंस के शेयर लगभग 11 फीसदी तक उछल गए. करार के तहत मार्क जकरबर्ग की कंपनी ने रिलायंस जियो में 5.7 अरब डॉलर यानी लगभग 436 अरब रुपये का निवेश करेगी. अब रिलायंस जियो में फेसबुक की हिस्सेदारी लगभग 10 फीसदी होगी. जियो प्लैटफॉर्म्स की कीमत इस सौदे के बाद 66 अरब डॉलर आंकी जा रही है.

छोटे दुकानदारों तक पैठ की कोशिश

फेसबुक का निवेश और कारोबारी साथ मिलने से रिलायंस जियो देश के करोड़ों छोटे दूकानदारों तक अपनी पैठ बना सकेगा. दूकानदारों को फेसबुक और व्हाट्सऐप के जरिए जियोमार्ट के प्लैटफॉर्म पर लाया जाएगा. इसको लेकर जियो प्लेटफॉर्म्स, रिलायंस रीटेल और व्हाट्सऐप के बीच भी एक व्यावसायिक समझौता हुआ है. इसके तहत रिलायंस रीटेल अपना न्यू कॉमर्स व्यवसाय, व्हाट्सऐप की मदद से जियोमार्ट के प्लैटफॉर्म पर कर सकेगा. इससे कई छोटे कारोबारी जियोमार्ट के प्लैटफॉर्म पर जुड़ सकेंगे. जियोमार्ट से जुड़ने वाला किराना दुकानदार व्हाट्सऐप के जरिए उपभोक्ताओं के ऑर्डर ले सकेगा. इससे दुकानदार अपने पुराने और नये ग्राहकों तक अपनी सेवाएं कम समय में पहुंचा सकेंगे.

World Economic Forum 2017 in Davos - Mukesh D. Ambani
मुकेश अंबानीतस्वीर: picture-alliance/AP Photo/G. Ehrenzeller

जियो और फेसबुक के बीच हुए समझौते पर रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने वीडियो संदेश में कहा है कि जियो का नया ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म जियोमार्ट और व्हाट्सऐप, करीब तीन करोड़ छोटे किराना दुकानदारों को अपने आसपास के ग्राहकों से डिजिटल तरीके से लेनदेन की सुविधा देगा. उनके अनुसार लोग रोजमर्रा की चीजें अपने आसपास की दुकान से मंगा पाएंगे. साथ ही इससे छोटे किराना दुकानदारों को अपना कारोबार बढ़ाने में मदद मिलेगी.

डिजिटल माध्यमों का होगा विस्तार

कोरोना संकट के बाद डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल और बढ़ने की पूरी संभावना है. फेसबुक के साथ आने से जियो कंपनी को ज्यादा फायदा मिलेगा. इससे रिलायंस के जियोमार्ट प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया जा सकेगा. इरादा छोटे दुकानदारों और ग्राहकों को वॉट्सऐप के द्वारा जोड़ने का है. भारत में फेसबुक की स्वामित्व वाले व्हाट्सऐप के 40 करोड़ से ज्यादा यूजर हैं. व्हाट्सऐप एक पेमेंट ऐप भी लॉन्च करने की तैयारी में है. इसके अलावा रिलायंस का भी पेमेंट ऐप है.

पिछले पांच साल में भारत में 56 करोड़ लोगों तक इंटरनेट की पहुंच हुई है और जियो के अपने नेटवर्क में ही लगभग 39 करोड़ उपभोक्ता हैं. मुकेश अंबानी का मानना है इस साझेदारी से देश में डिजिटल सेवाओं को आगे बढ़ाने में मदद करेगी. उन्होंने कहा है, "इस साझेदारी के तहत फेसबुक के संस्थापक मार्क जकरबर्ग और मैं भारत में डिजिटल बदलाव और सभी भारतीयों की सेवा के लिए प्रतिबद्ध हैं. दोनों कंपनियां मिलकर भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को और मजबूत करेंगी."

USA | Zuckerberg spricht in der Georgetown University
मार्क जकरबर्गतस्वीर: picture-alliance/dpa/Bildfunk/AP/N. Wass

छोटे दूकानदारों को होगा फायदा

बड़े पूंजीपतियों से हमेशा छोटे दुकानदारों को भय रहता है. उनका डर बेवजह नहीं होता. समाजशास्त्री डॉ साहेब लाल कहते हैं कि अक्सर बड़े व्यापारी अपनी पूंजी की ताकत से छोटे व्यापारियों को बाजार से गायब भी कर देते हैं. हालांकि यह हमेशा ही हो यह भी जरूरी नहीं है. नवी मुंबई में अपनी छोटी सी दुकान चलाने वाले रमेश पटेल को जियो और फेसबुक के बीच के करार बारे में कुछ पता नहीं है लेकिन वे व्हाट्सऐप के जरिए अभी भी उपभोक्ताओं के ऑर्डर लेते हैं.

एक अन्य दुकानदार देवजी पटेल कहते हैं कि बिना डिपॉजिट या निवेश के अगर वस्तुएं उपलब्ध करायी जाएं तो अच्छा होगा. रिलायंस जियो अपनी इंटरनेट सेवा और फेसबुक की उपभोक्ताओं तक पहुंच का फायदा छोटे दूकानदारों तक पहुंचा सकता है. रिलायंस अपनी योजना अनुसार अगर छोटे और मझोले दुकानदारों को जियोमार्ट के प्लैटफॉर्म पर लाने मे कामयाब होता है तो अल्पअवधि में सभी पक्षों का फायदा हो सकता है. लेकिन भविष्य को लेकर छोटे दुकानदारों के मन मे आशंका जरूर बनी रहेगी.

Indien Kluft zwischen Armen und Reichen wird größer
तस्वीर: DW/P. Tewari

भारतीय खाद्य व्यापार की रीढ़

भारत के किराना दुकान देश भर में खाने की चीजों के कारोबार के लिए रीढ़ जैसे हैं. एक अनुमान के अनुसार ये कारोबार 375 अरब डॉलर का है.  रिलायंस पहले से ही जियोमार्ट के रूप में खाद्य पदार्थों के ऑनलाइन कारोबार में सक्रिय है. अब व्हाट्सऐप के साथ मिलकर बाजार में पेमेंट ऐप लाने की योजना है. इस समय व्हाट्सऐप नियामकों की हरी झंडी का इंतजार कर रहा है. फेसबुक के लिए ये 2014 में व्हाट्सऐप की खरीद के बाद सबसे बड़ी खरीद है.

रिलायंस के लिए इस सौदे का फायदा ये होगा कि वह अपने कर्ज को कम करने की कोशिश करेगा. देश भर में जियोइंफोकॉम के विस्तार के दौरान कंपनी पर भारी कर्ज हो गया है. भारत का ऑनलाइन खाद्य बाजार बहुत ही फायदे वाला लेकिन साथ ही प्रतिस्पर्धी भी है. इस समय अमेजॉन पैंट्री के साथ, वॉलमार्ट फ्लिपकार्ट के साथ और अली बाबा बिगबास्केट के साथ बाजार में हैं. करीब 80 प्रतिशत स्मार्टफोन यूजर व्हाट्सऐप का इस्तेमाल करते हैं और 40 करोड़ यूजरों के साथ फेसबुक इस बाजार में बड़ी संभावना देखता है.

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