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बॉक्सिंग रिंग में डंका बजातीं गाजा की लड़कियां

२६ नवम्बर २०२०

इस्राएल की नाकेबंदी, चरमराती अर्थव्यवस्था और अब महामारी के थपेड़ों के बीच गाजा पट्टी में लड़कियां बन रही हैं मुक्केबाज. गाजा पट्टी में पहली बार आयोजन हो रहा है सिर्फ महिलाओं के लिए मुक्केबाजी की प्रतियोगिता का.

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Gaza Frauenboxen |  Heba Ebied
तस्वीर: DW/Abdel Kareem Hana

गाजा पट्टी में एक अंधेरे से बेसमेंट में घंटी बजती है और दो किशोरियां सर पर हेल्मेटऔर मोटे दस्ताने पहने रिंग में एक दूसरे के चक्कर लगाने लगती हैं. रिश्तेदारों और दोस्तों के प्रोत्साहन भरे शोरगुल के बीच वो एक दूसरे पर मुक्कों की बरसात शुरू कर देती हैं. ये इस फिलिस्तीनी एन्क्लेव का महिलाओं का पहला बॉक्सिंग टूर्नामेंट है.

कमेंट्री करने वाले की गर्जनदार आवाज वहां जुटी दर्शकों की छोटी सी भीड़ के शोर को दबा देती है. लोग कोरोना वायरस महामारी की परवाह ना करते हुए मैच देखने आए हैं. दोनों मुक्केबाजों में से एक 15-वर्षीय फराह अबू अल-कुमसान हैं. वो कहती हैं उन्होंने लंबे समय तक इंटरनेट पर बॉक्सिंग को देखा-समझा और फिर परदे से रिंग में कूदने का फैसला लिया.

उत्साह से भरी हुई फराह कहती हैं, "मैं माइक टाइसन और मोहम्मद अली जैसे मुक्केबाजों को देखती थी. मुझे उन्हें लड़ते देखना बहुत अच्छा लगता है. वो बहुत ही अच्छी मुक्केबाजी करते हैं और अक्सर अपने मैच पहले राउंड में ही जीत जाते हैं." पिछले शुक्रवार लड़कियों और महिलाओं ने अपने अपने वजन की श्रेणियों के अनुसार टूर्नामेंट में हिस्सा लिया था.

Gaza Streifen | Rauchwolke nach Luftangriff der Israelis
गाजा पट्टी फिलिस्तीन के तट पर एक घनी आबादी वाला इलाका है. इस्राएल द्वारा लगाई गई नाकेबंदी की वजह से यहां की अर्थव्यवस्था का बुरा हाल है.तस्वीर: Reuters/M. Shana

20-वर्षीय मुक्केबाज रीटा अबू रहमा कहती हैं, "कई लोगों को लगता है कि हम जो कर रहे हैं वो गलत है और हम नैतिक मूल्यों और परंपरा का अनादर कर रहे हैं. लेकिन मेरे, मेरे परिवार और मेरे दोस्तों के लिए ये सब सामान्य है और वो सब मेरा समर्थन करते हैं." लंबे भूरे बालों वाली अबू रहमा कहती हैं, "बॉक्सिंग मेरे नारीत्व से, मेरे एक औरत होने से कुछ भी कम कहीं करता. लड़कों और लड़कियों दोनों को अधिकार है कि वो अपने पसंद का खेल खेल सकें."

गाजा पट्टी फिलिस्तीन के तट पर एक घनी आबादी वाला इलाका है. इसकी आबादी करीब 20 लाख है और यहां एक दशक से भी ज्यादा से इस्लामिस्ट मूवमेंट हमास का शासन है. इस्राएल द्वारा लगाई गई नाकेबंदी की वजह से यहां की अर्थव्यवस्था का बुरा हाल है. बेरोजगारी दर लगभग 50 प्रतिशत है और युवाओं में यह दर 65 प्रतिशत है.

महिला मुक्केबाजों के 35-वर्षीय कोच ओसामा अयूब कहते हैं, "यह एक ओलंपिक बॉक्सिंग क्लब है लेकिन हमारे पास संसाधन नहीं है" जिससे हम सब को दस्ताने और हेड गियर उपलब्ध करवा सकें. लेकिन उनका कहना है कि उन्हें इस बात का गर्व है कि वो कम संसाधनों के बावजूद टूर्नामेंट का आयोजन कर पा रहे हैं. उन्हें उम्मीद है कि वो जल्द मुक्केबाजों को प्रांतीय प्रतियोगिताओं के लिए गाजा से बहार ले जा पाएंगे.

Gaza Streifen | Lockdown wg Coronavirus
गाजा पट्टी में लंबे समय तक संक्रमण के ज्यादा मामले नहीं आए थे लेकिन हाल के सप्ताहों में स्थिति बदली है और पिछले शनिवार (28 नवंबर) को ही एक ही दिन में 891 नए मामले सामने आए थे.तस्वीर: picture-alliance/Pacific Press/R. Habboub

उन्होंने बताया, "महिलाओं के लिए एक बॉक्सिंग टूर्नामेंट का फिलिस्तीन में पहली बार आयोजन हो रहा है. आज यहां 45 प्रतियोगी थे और इनमें से जो सबसे अच्छी होगी" वो फरवरी में कुवैत में होने वाली एक चैंपियनशिप में फिलिस्तीनियों का प्रतिनिधित्व करेगी. उन्होंने कहा कि वो उम्मीद करते हैं कि इस्राएल उनके मुक्केबाजों को एरेज रेखा पार करने देगा ताकि वो कुवैत जा सकें.

टीम को यह भी उम्मीद है कि महामारी से भी प्रतियोगिता से पहले पीछा छूट जाएगा. गाजा पट्टी में लंबे समय तक संक्रमण के ज्यादा मामले नहीं आए थे लेकिन हाल के सप्ताहों में स्थिति बदली है और पिछले शनिवार (28 नवंबर) को ही एक ही दिन में 891 नए मामले सामने आए थे.

सीके/एए (एफपी)

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